आठ साल के सलमान का अपहरण अपमान का बदला लेने के लिए मजदूर जैनुल ने किया था। जिसे सलमान के ठेकेदार पिता नौमान ने ही फैक्ट्री में काम दिलवाया था। यह खुलासा बृहस्पतिवार को एसपी सिटी ओपी सिंह और सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने प्रेस वार्ता में किया।
एसपी सिटी के अनुसार जाकिर कॉलोनी निवासी मीट फैक्ट्री ठेकेदार नोमान के इकलौते बेटे सलमान का बीती 21 जुलाई को अपहरण हो गया था। पोते के अपहरण के सदमे में सलमान की दादी नूरजहां (60) की भी मौत हो गई थी। 24 जुलाई को सलमान की मां सलमा के मोबाइल पर 30 लाख की फिरौती का फोन आया था। सर्विलांस में उस नंबर की लोकेशन आसाम आयी थी। नौमान ने इस केस में जैनुल पुत्र वकार निवासी अचगौचर जिला गोलपाड़ा आसाम को नामजद किया था। जिसके बाद आसाम पुलिस की मदद से 31 जुलाई को जैनुल को गिरफ्तार करते हुए बच्चे को बरामद कर लिया गया था। जैनुल को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लिसाड़ी गेट पुलिस तीन अगस्त को मेरठ पहुंची और सलमान को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
एसपी सिटी के अनुसार जैनुल ने बताया कि नौमान ने ही उसे मेरठ के बाद बिहार की एक फैक्ट्री में लगवाया था। जहां उसका मजदूरी को लेकर नौमान से विवाद हो गया था। नौमान ने दूसरे मजदूरों के सामने उसकी बेइज्जती कर सामान बाहर फिंकवा दिया था। जिसका बदला लेने और पैसा कमाने के लिए वह बिहार से मेरठ आया था। चूंकि सलमा भी आसाम की रहने वाली है। इसलिए उसका उसके घर में बेरोकटोक आना-जाना था। इसका फायदा उठाकर वह सलमान का अपहरण कर उसे आसाम ले गया था।
...तो बेटे की लाश मिलेगी
जैनुल ने सलमान की रिहाई के बदले दो बार कॉल कर 30 लाख रुपये फिरौती मांगी थी। इतनी रकम देने में असमर्थता जताने पर जैनुल ने धमकी दी थी कि पैसा प्यारा है या बेटा। यदि उसमें हजार रुपये भी कम हुए तो बेटे की लाश ही मिलेगी। जैनुल ने नौमान को रुपये लेकर गुवाहाटी (असम) की ट्रेन में बैठने के लिए कहा था।
परिवार में लौटीं खुशियां
सकुशल लौटे सलमान को उसकी मां सलमा और रिश्तेदार गले लगाकर रो पड़े। सलमान ने बताया कि अंकल (जैनुल) पूछने पर यही कहते थे कि तुम्हारे अम्मी और अब्बू ने ही तुम्हें घुमाने के लिए भेजा है। वह भी जल्दी आसाम आ जाएंगे। सलमान मां-बाप को याद कर रोता था तो जैनुल उसे डांटकर चुप करा देता था। 11 दिनों तक जैनुल ने सलमान को खाने में अंडा और चावल ही दिए। मांगने पर पानी भी देर से देता था।
मेरे साथ ही दगा किया
नौमान ने बताया कि मैंने ही जैनुल को पहले मेरठ, फिर बिहार में काम पर रखवाया था। 12 दिन काम करने के बाद जैनुल ने हिसाब करने को कह दिया था। मेरे समझाने पर भी नहीं माना था। मैंने उसकी कोई बेइज्जती नहीं की। उल्टा उसका सही हिसाब किया था। मुझे दुख है जिसे मैंने रोजगार दिलाया, उसी ने मेरे साथ ऐसा दगा किया।