राजेंद्र ने बताया कि ठेकेदार ने उसे 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराया देने की बात कही थी। इसके अलावा भी ठेकेदार ने 50 से अधिक किसानों के ट्रैक्टर किराये पर लिए थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी ट्रैक्टर वापस नहीं किए और न ही किराया दिया, जिस पर उसे शक हुआ।
एसआई विजय सिंह ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद समेत सभी किसानों के ट्रैक्टर में जीपीएस लगा हुआ था। जीपीएस की मदद से शुक्रवार देर रात राजस्थान पुलिस दौराला थाने पहुंची और दौराला पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने जीपीएस की मदद से दो ट्रैक्टर मवाना व मटौर से लावारिस व एक ट्रैक्टर मवाना के गढ़ी गांव से मुनेश के यहां से बरामद किया।
इसके अलावा पुलिस ने इंचौली थाना क्षेत्र के अंदावली गांव में भी दबिश दी। बताया गया कि ठेकेदार ने ट्रैक्टर ढाई-ढाई लाख रुपये में बेच दिए थे। पुलिस का मानना है कि ट्रैक्टरों को हरियाणा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेचा गया है। ट्रैक्टरों को बरामद करने व गैंग को पकड़ कर खुलासा करने को लेकर पुलिस ने टीम का गठन कर दिया है। टीम अन्य ट्रैक्टर बरामद करने में जुट गई है।
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