अल्लीपुर गांव में बकरीद के दूसरे दिन खुले में भैंस की कुर्बानी देने को लेकर पुलिस की मौजूदगी में कुरैशी और शेख पक्ष के लोगों में संघर्ष में हो गया। कुरैशी पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों के घरों में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग की। आरोपियों के पक्ष में पीपली खेड़ा गांव के लोग भी पहुुंच गए। मौके पर पहुंचे सीओ किठौर और एसओ ने किसी तरह मामला शांत कराया। हालात को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
अल्लीपुर गांव में बकरीद के मौके पर खुले में पशु की कुर्बानी को लेकर चार साल से कुरैशी और शेख पक्ष में विवाद चल रहा है। शनिवार को शेख पक्ष का आरोप है कि कुरैशी पक्ष के लोगों ने शुक्रवार को कुर्बानी दी थी। शनिवार को कुरैशी पक्ष का कंकरखेड़ा निवासी रिश्तेदार यामीन भैंस लेकर गांव पीपलीखेड़ा निवासी कई युवकों के साथ गांव पहुंचा। उसने घर के बाहर भैंस बांधकर शेख पक्ष के लोगों को एलान करते हुए खुले में कुर्बानी देने की बात कही और गाली गलौज कर दी। इस पर शेख पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए।
देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। इस दौरान कुरैशी पक्ष के लोगों ने शेख पक्ष के लोगों के घरों पर हमला बोल दिया। महिलाओं से मारपीट कर घर में तोड़फोड़ की गई। आरोपी पक्ष ने हवाई फायरिंग भी की। महिलाओं ने एक दूसरे पर पथराव कर दिया। घटना की जानकारी पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में एसओ खरखौदा पीयूष दीक्षित फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मारपीट करने वाले दूसरे गांव के लोगों को लाठी फटकार कर भगाया।
शेख पक्ष के लोगों ने कुरैशी पक्ष के उमरदीन, नवाब, साकिब, ताहिर और यामीन के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी यामीन को हिरासत में लेकर भैंस को दूसरी जगह भिजवा दिया। वहीं लोगों का कहना है कि डीएम, एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा।
चारा काट रहे युवकों पर हमला
पीलपीखेड़ा के लोगों ने गांव लौटते समय जंगल में चारा काट रहे गांव अल्लीपुर निवासी शेख पक्ष के आरिफ पुत्र मकसूद और शहनवाज पुत्र कलवा को घेर लिया। उन्होंने उनके साथ मारपीट की। इससे दोनों घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक साल पुरानी घटना के बाद भी नहीं चेती पुलिस
इस संघर्ष में पुलिस की लापरवाही भी सामने आई। अल्लीपुर में शेख पक्ष के लोगों की संख्या ज्यादा है। चार साल पहले मस्जिद में नमाज पढ़ने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। तभी से दोनों में विरोध चला आ रहा है। पिछले साल भी ईद पर शेख पक्ष के लोगों ने कुरैशी पक्ष के मकानों पर ईट पत्थरों से हमला कर, तोड़फोड़ की थी। बचाव में कुरैशी पक्ष ने फायर किए थे। इसमें शेख पक्ष के आसिफ पुत्र वकीलुद्दीन, रिहान पुत्र बाबर, राहत पुत्र शराफत और महराज पुत्र इरशाद घायल हुए थे। आसिफ की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वकीलुद्दीन की ओर से कुरैशी पक्ष के फारूख, उमरदीन पुत्र झंडु, मुस्तकीम और अनवार पुत्र फारुख, आरिफ पुत्र उमर अली, नवाब पुत्र उमरदीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया था, लेकिन अनवार अभी भी फरार है। तभी से दो सिपाही गांव में तैनात हैं। इसके बाद भी संघर्ष हो गया।