प्रॉपर्टी और पैसों के लालच में शाहिद ने अपने पार्टनर मुनव्वर हसन और उसके परिवार की बड़ी बेरहमी से हत्या की। मुनव्वर हसन की दोनों बेटियां शाहिद को भइया कहती थीं। घटना के दौरान मां और बहन की लाश देखने के बाद मुनव्वर की छोटी बेटी अर्शी ने हाथ जोड़कर शाहिद से कहा कि भइया आप मुझे भी मार डालो। इसके बाद शाहिद ने बिना झिझके उसे भी गोली मार दी थी।
पुलिस के अनुसार शाहिद को मुनव्वर और उसके परिवार वाले घर का ही सदस्य मानते थे। 20 अप्रैल को शाहिद खान उर्फ बंटी ने सहारनपुर से लौटते समय दौराला में शूटर बुलवा लिए थे। दौराला के पास कार में शाहिद ने सबसे पहले मुनव्वर की पत्नी सोनिया उर्फ इशरत को गोली मारी, जिसे देख दोनों बेटियां सन्न रह गई थीं। इसके बाद उसने बड़ी बेटी आरजू को गोली मारी। मां व बड़ी बहन की खून से सनी लाश देखकर अर्शी ने शाहिद के सामने हाथ जोड़कर कहा था कि, लो भाई अब मुझे भी गोली मार दो। इस पर भी हैवान बने शाहिद ने अर्शी की भी गोली मारकर जान ले ली थी। इसके बाद तीनों शव काली नदी के किनारे गाड़ दिए थे।