मौलवी ने उससे कहा कि तुम दोनों पर संकट है। तुम दोनों एक-दूसरे की हत्या कर सकते हो। इस बात को सुनकर गुलफाम को लगा कि कहीं पत्नी उसकी हत्या न कर दे। इसके चलते उसने मन ही मन तय कर लिया कि वह मुर्सलीन की हत्या कर देगा। बुधवार सुबह जब मुर्सलीन उसके लिए चाय बनाकर लाई तो गुलफाम ने तार से उसका गला घोंट दिया। इससे वह बेहोश हो गई। मुर्सलीन के बेहोश होने पर उसने कैंची से गला काटकर मार डाला और फरार हो गया।