माधवपुरम पहुंचे अफसर, टूटा निर्माण
मेरठ। माधवपुरम सेक्टर 4 के एक प्लॉट पर निर्माण कर मदरसा शुरू करने और वहां नमाज पढ़ाने का मामला तूल पकड़ गया। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। बकौल पुलिस मौके पर मिली सामग्री और निर्माण से लग रहा था कि इस भवन को मस्जिद की तरह प्रयोग किया जा रहा था। संचालकों से बात की गई। पुलिस ने दावा किया कि समझाने के बाद संचालकों ने खुद ही निर्माण तुड़वा दिया, हालांकि लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने ही यहां तोड़फोड़ कराई है।
भाजपा नेता राजीव गोयल ने बुधवार को पुलिस से इस मामले की शिकायत की थी। बृहस्पतिवार को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संचालकों से कहकर यहां चल रही गतिविधियां बंद करा दी थी। इसे लेकर मुस्लिम समाज के लोग देर शाम को थाने भी पहुंचे थे। शुक्रवार को एसपी सिटी रणविजय सिंह, एडीएम मुकेश चंद्र, सिटी मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह, एसीएम, सीओ और इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान संचालक कमेटी के लोगों की भी भीड़ जमा हो गई।
मस्जिद की तरह प्रयोग कर रहे थे
एसपी सिटी के अनुसार एक प्लॉट पर निर्माण करके बड़ा हॉल कमरा बनाया गया था। संचालकों का तर्क था यहां पर मदरसा चलाकर बच्चों को पढ़ाया जाता है, लेकिन वहां पर वजू कराने जैसी टंकियां लगी थीं। दरे आदि सामग्री भी वहां थीं। इन सबसे लग रहा था कि इस स्थान को मस्जिद की तरह प्रयोग कर यहां पर नमाज और अन्य धार्मिक कियाएं कराई जाती होंगी और बिना अनुमति ये सब गलत है। दरअसल माधवपुरम का सेक्टर 4 मिश्रित आबादी वाला है। शनिवार को ईद है। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि यदि शनिवार को यहां कोई धार्मिक क्रिया होती है तो दूसरे पक्ष के एतराज पर बखेड़ा हो सकता है। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा। एलआईयू की टीम ने मौके पर जानकारी जुटाई।
पुलिस बोली-संचालकों ने खुद तुड़वाया निर्माण
अफसरों ने संचालकों से बात की तो उन्होंने कहा कि उनका कोई गलत मकसद नहीं है। यदि किसी चीज पर आपत्ति है तो वे खुद हटवा लेंगे। एडीएम ने अंदर बनी टंकी आदि के पाइप हटवाने को कहा तो कमेटी के लोगों ने एतराज किया। अफसरों ने समझाया कि ये सब अनाधिकृत है बेहतर होगा कि वे खुद हटवा लें अन्यथा उन्हें हटवाना पडे़गा। इंस्पेक्टर सतीश राय के अनुसार अधिकारियों के समझाने के बाद संचालकों ने पुलिस की मौजूदगी में खुद ही निर्माण तुड़वा दिया। वहीं बाद में पुलिस प्रशासन ने मुख्य गेट पर ताला लगवा दिया। इस पर संचालक कमेटी के सदस्यों ने पुलिस को भरोसा दिया कि आगे से यहां पर कुछ नहीं होगा। चौकी इंचार्ज मुकेश कुमार के अनुसार संचालकों ने खुद ही गेट पर ताला लगवाया है।
मौके पर हुए निर्माण और वहां रखे सामान से लग रहा था कि इस स्थान का प्रयोग मस्जिद की तरह हो रहा था। यहां नमाज भी पढ़ी जाती होगी। संचालकों के समझाया गया, दिसके बाद उन्होंने खुद ही अपने मजदूरों से निर्माण तुड़वाया को तुड़वाकर सामान हटवा दिया। रणविजय सिंह, एसपी सिटी