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वेस्ट यूपी में हथियार

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- मेरठ और दिल्ली में पकड़ी गई हथियारों की खेप के तार वेस्ट यूपी से जुड़े
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- सांप्रदायिक तनाव और बड़ी घटनाओं को देखते पुलिस भी हुई अलर्ट
- अवैध हथियारों सप्लाई करने वाले ऐसे कई गिरोह पुलिस के टारगेट पर

अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में तमंचों की जगह सेमी ऑटोमेटिक हथियार लेते जा रहे हैं। जिस तरह से पिस्तौल की खेप पकड़ी जा रही हैं, उससे साफ पता चलता है कि अवैध हथियारों के सप्लायर के लिए पश्चिम उप्र के बदमाश बडे़ खरीदार बन चुके हैं। हथियारों के सप्लायर बदमाशों को पिस्तौल सप्लाई करते हैं और बदमाश मुंगेर या नई मॉडल की पिस्टल बताकर गांव गांव में लोगाें को ऑन डिमांड देते हैं। सब्जी, फल की टोकरी में छुपाकर हथियारों की तस्करी हो रही हैं। सांप्रदायिक तनाव और बड़ी घटनाओं को देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई हैं। पुलिस कई गिरोहों का भंडाफोड़ कर चुकी, बावजूद इसके हथियारों की तस्करी रूक नहीं पा रही है। रविवार को मेरठ पुलिस ने दस पिस्टल, 15 मैगजीन के साथ आरोपी मुनीर और नाजिम को पकड़ा, जिन्होंने बताया कि वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों में हथियार सप्लाई के लिए गैंग बने हैं। ऑन डिमांड 9 एमएम, 32 बोर पिस्टल बेची जाती हैं। पुलिस गैंग के सरगना तक नहीं पहुंच पाती। सेटिंग से एक या दो सप्लायर को पकड़कर पिस्टल बरामद करती हैं और अपनी पीठ थपथपाती हैं।

दिल्ली में पकड़े सप्लायर ने भी खोल राज
दिल्ली की स्पेशल सेल ने अवैध हथियार तस्कर बुरहानपुर, मध्यप्रदेश निवासी कैलाश को निजामुद्दीन यमुना ब्रिज से मध्यप्रदेश निवासी माधव रावल को सलीमगढ़, बाईपास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से 10 पिस्टल और 9 मैगजीन बरामद की गईं। आरोपियों ने बताया कि वह अवैध हथियार लेकर वेस्ट यूपी में सप्लाई करने आते रहते थे। दोनों बचपन से ही तस्करी करने लग गए थे। स्पेशल सेल 600 पिस्टल और रिवाल्वर, 10 कट्टे, चार मोडिफाई कारबाइन और 6,478 कारतूस बरामद कर चुकी है। आरोपी अवैध हथियार मध्यप्रदेश के धार, बुरहानपुर व खारगोन और बिहार के मुंगेर से आते हैं।
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गैंग के बदमाशों पर पहुंची पिस्टल
पुलिस के अधिकारी मानते हैं कि हथियार सप्लाई करने वालों के तार बदमाशों के गैंग से जुडे़ हैं। बदमाश सप्लायरों से 20 से 25 हजार रुपये में पिस्टल लेते और फिर वह पिस्टल को मुंगेर या नई मॉडल की बताकर 40 से 50 हजार रुपये में बेचते हैं। क्राइम ब्रांच ने इस साल में ऐसे चार गिरोह को भंडाफोड़ कर 40 से अधिक पिस्टल बरामद की हैं। पुलिस ने अधिकांश 32 बोर की पिस्टल बरामद की हैं। 32 बोर की पिस्टल स्थानीय बदमाश आसानी से तैयार कर लेते हैं। जबकि 9 एमएम की पिस्टल अधिकांश मुंगेर से मंगाई जाती है।

रार्धना का अभी भी बड़ा नेटवर्क
किठौर का रार्धना गांव काफी समय से तमंचे बनाने के लिए चर्चित है। अब यहां अवैध धंधों से जुडे़ लोग तमंचे बनाने के बजाय बाहर से हथियार मंगाकर उनको सप्लाई करने का धंधा अपना लिया है। कारण ये कि तमंचों से ज्यादा पिस्टल की डिमांड बढ़ी हैं। रार्धना में हथियार सप्लाई करने का बड़ा नेटवर्क फैला हैं। रार्धना का जावेद, जुल्फिकार समेत 20 से अधिक लोग पुलिस के रिकार्ड में दर्ज हैं। हथियारों को सप्लाई करने में रार्धना की कई महिला भी शामिल हैं। जिसकी जानकारी पुलिस को भी हैं।
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वर्जन
वेस्ट यूपी में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वालों की तलाश में क्राइम ब्रांच को लगाया हुआ हैं। रार्धना व लिसाड़ीगेट में सप्लायरों के ठिकाने हैं। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर फरार सरगना व उसके साथियों की तलाश जारी हैं।
मंजिल सैनी दहल, एसएसपी
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