- अपहरण के बाद 14 मिनट तक बदमाशों ने की शिवा के परिवार से बात
- गुस्साए लोगों ने गढ़ रोड पर लगाया जाम, हंगामा भी हुआ
- शिवा की साइकिल, स्कूल बैग और मोबाइल नहीं मिला
मेरठ।
नबीपुर, नंगलासाहू और लालपुर गांव एक दूसरे से सटे हैं। ग्रामीण लाठी डंडे और हथियारों से लैस होकर शिवा की तलाश में लालपुर-नंगलासाहू गांव के जंगल में पहुंच गए। खेत में एक किसान ट्यूबवेल पर बैठा था। किसान ने ग्रामीणों को बताया दो युवक बोतल में पानी लेकर ईख के खेत में गए हैं। ग्रामीण घेराबंदी करने लगे, आवाज सुनते ही हत्यारों ने शिवा के सीने में सटाकर गोली मार दी। बदमाशों ने तीन बजे से शिवा को बंधक बनाया था और उसको शाम करीब छह बजे गोली मारकर फरार हुए। पुलिस को अंदेशा है कि नबीपुर के ग्रामीण बदमाशों तक पहुंच गए थे। शिवा उनको जानता होगा। शिवा को छोड़ देते तो उनकी पहचान खुल जाती, इस वजह से उसको गोली मार दी। बच्चे की हत्या के बाद नबीपुर और नंगलासाहू गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों को आशंका थी कि हत्या करने वाले दूसरे समुदाय के हैं। इसकी जानकारी पर एसएसपी मंजिल सैनी दहल, एसपी देहात राजेश कुमार समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शिवा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
मोर्चरी के सामने गुस्साए ग्रामीणों ने आधी रात का गढ़ रोड जाम कर दी। ग्रामीणों का आरोप कि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर कई बार बुलाने के बावजूद भी नहीं आए। मौके पर पहुंचे एसपी सिटी ने सीएमओ से बात करके डॉक्टर को तुरंत बुलाने और रात में पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। देर रात तक ग्रामीण मोर्चरी पर जमे थे और गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी थी। एसएसपी ने नंगलासाहू से हिरासत में लिए तीनों लोगों से पूछताछ की। एसएसपी का कहना है कि रात में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। दोनों गांव में भी पुलिस लगाई हैं। हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हाथ पैर बंधे थे, मुंह पर टेप लगी थी
ग्रामीणों ने बताया कि शिवा के हाथ पैर रस्सी से बंधे थे और उसके मुंह पर टेप लगी हुई थी। बदमाशों ने शिवा को तीन घंटे से बंधक बनाया हुआ था। उसके पास एक पानी की बोतल भी रखी थी। शिवा की साइकिल, स्कूल बैग और मोबाइल पुलिस को अभी नहीं मिला।
14 मिनट की बदमाशों ने फोन पर बात
शिवा के पिता रणवीर सिंह ने बताया कि बदमाशों ने 14 मिनट तक परिवार के लोगों से फोन पर बात की। बदमाश पहले 65 लाख रुपये फिरौती के मांग रहे थे। सौदेबाजी करते 50 लाख रुपये मांगे और हरियाणा में पहुंचाने की बात कही। बदमाशों ने कहा कि उन्हें जल्द हरियाणा पहुंचना हैं। बदमाशों की रिकार्डिंग भी पुलिस ने सुनी।
मनीष से की थी शिवा ने राम राम
फिरौती मांगने का पता लगते पर गांव का मनीष भी शिवा के घर पर पहुंचा। मनीष ने बताया कि शिवा तीन बजे उसको नंगलासाहू के जंगल में साइकिल से आता मिला था। उसने राम राम भी की भी। मनीष के साथ बाइक पर गांव का राजबीर भी था। इसके चलते ही ग्रामीण सबसे पहले शिवा के तलाश में नंगलासाहू के जंगल में पहुंचे। शिवा के पिता रणवीर सिंह ने बताया कि नंगलासाहू निवासी जाकिर पुत्र मुनसाद को दो महीने पहले 26 हजार रुपये में एक गाय बेची थी। जाकिर ने बीमारी के चलते गाय को कुछ दिन बाद मरना बताकर फोन किया था। रणवीर से फिर दूसरी गाय भी जाकिर को बेच दी। दोनों गायों को शिवा ने तीन हजार रुपये लेकर नंगलासाहू पहुंचाया था। शिवा ने पैसा लेकर गाय पहुंचाई है, इसकी जानकारी रणवीर को नहीं थी। एक सप्ताह पहले रणवीर नंगलासाहू गांव से गुजरते जा रहे थे। तभी जाकिर उनको मिला और बोला कि उनका बेटा शिवा तीन हजार रुपये उधार ले गया हैं। रणवीर ने वापस आने के बाद पैसा देने का वादा कर लिया था।
शिवा पर दो सिम थे
पुलिस का कहना है कि शिवा के पास एक मोबाइल था। उस पर दो सिम थे। दूसरे नंबर से शिवा अक्सर बात करता था। पुलिस दोनोें नंबरों की कॉल डिटेल निकाल रही हैं। पुलिस का कहना है कि कई बिंदुओं पर जांच की जा रही हैं। हत्या के पीछे दूसरे समुदाय व गाय के विवाद के अलावा दूसरा मामला भी हो सकता हैं। देर रात तक पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हैं।
परिवार का लाड़ला था शिवा
शिवा रणवीर का सबसे छोटा बेटा था। उसका बड़ा भाई शेखर और दो बहन शिखा, शिवानी हैं। वह परिवार का लाड़ला था। उसकी मां जयावती और भाई बहनों का रो रोकर बुरा हाल हैं। गांव में उसकी हत्या की सूचना मिलती ही मातम छा गया।