01 सप्ताह पहले ही सेंट्रल मार्केट में किराना व्यापारी की डकैती के विरोध में हुई हत्या
‘अमर उजाला’ ने बीते बुधवार को प्रकाशित किए थे दिन में बंद पुलिस चौकियों के फोटो
एक सप्ताह में दूसरी बार सुर्खियों में शास्त्रीनगर, व्यापारियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। पुलिस अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए बदमाशों ने रविवार दिनदहाड़े कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं। करीब एक सप्ताह पहले ही सेंट्रल मार्केट में डकैती के विरोध में किराना व्यापारी मोहित मदान की हत्या कर दी गई थी। यह केस अभी खुला भी नहीं कि इस घटनास्थल से 100 मीटर की दूसरी पर दूसरी वारदात हो गई। बदमाश पिस्टल से फायरिंग करते हुए फरार हो गए और पुलिस हाथ मलती रह गई। इस घटना के बाद सैकड़ों व्यापारी सड़क पर उतर आए।
बेगमपुल पर करोड़ों रुपये का सोना लुटने के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे। एसएसपी नितिन तिवारी और एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह ने चार्ज संभालते ही शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए। लेकिन बेगमपुल पर लूट की बड़ी घटना के बाद 24 फरवरी को शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में किराना व्यापारी मोहित मदान की घर में घुसकर बदमाशों ने हत्या कर दी। लाखों रुपये का कैश लूटने के बाद बदमाशों ने मोहित के शव को स्टोर रूम में फंदे पर लटका दिया था। जिसके बाद भाजपाइयों और व्यापारियों ने शास्त्रीनगर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। एसएसपी और एसपी सिटी को व्यापारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। 25 फरवरी की शाम को ही शास्त्रीनगर में कार सवार बदमाशों ने क्रोम होटल के मालिक से 11 लाख रुपये की लूट की कोशिश की। जिसमें होटल मालिक ने जेलचुंगी पुलिस चौकी में घुसकर जान बचाई थी।
व्यापारी मांग रहे संयुक्त पिकेट
व्यापारी शास्त्रीनगर में पुलिस और पीएसी की संयुक्त पिकेट की मांग कर रहे हैं। लेकिन सेंट्रल मार्केट पुलिस चौकी दिन में ही सुनसान मिलती है। ऐसे में सुरक्षा का पूरा प्लान बदमाशों ने हवा में उड़ा दिया। रविवार दोपहर भाजपा नेता और सराफा व्यापारी देवेंद्र वर्मा को बदमाशों ने गन प्वाइंट पर ले लिया। लूटपाट करने के बाद उनके बेटे अमित वर्मा को गोली मार दी। यदि दोपहर सवा 12 बजे ही बदमाश शास्त्रीनगर में लूटपाट और गोलीबारी कर दें तो समझा जा सकता है कि शास्त्रीनगर में कानून व्यवस्था भगवान भरोसे ही है।
दिन में लटके मिले थे चौकियों पर ताले
बीते सप्ताह अमर उजाला की टीम ने शास्त्रीनगर जैसे पॉश इलाके की सुरक्षा व्यवस्था देखी तो शाम के चार बजे सेंट्रल मार्केट पुलिस चौकी सुनसान पड़ी थी। वहीं, जैदीफार्म पुलिस चौकी और कैलाशपुरी चौकी पर भी ताला लटका था। एसपी सिटी एएन सिंह ने खुद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए थे। लेकिन रविवार की घटना ने फिर पुलिस को चुनौती दे दी।
बराबर के मकान में हुआ था तिहरा हत्याकांड
शास्त्रीनगर का इलाका बदमाशों के लिए साफ्ट टारगेट बन गया है। जिस सराफा कारोबारी को बदमाशों ने रविवार को निशाना बनाया, उनके घर से सटे मकान में जून 2016 को मकान मालिक चंद्रशेखर, उनकी पत्नी पूनम गुप्ता और युवती रिया की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। तीन माह पहले इसी क्षेत्र से सटे गोल मंदिर के पास दो छात्रों को गोली मार दी गई थी। तीन माह पहले जी ब्लॉक में भी आठ लाख रुपये की लूट को बदमाशों ने अंजाम दिया था।