एसपी सिटी और एसपी क्राइम को धमकी देकर मांगी गई थी पांच लाख की रंगदारी
एएसपी का कहना, टेलीकॉम कंपनी से नहीं मिली रिपोर्ट, एफबी मुख्यालय से संपर्क साधा
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। जिले के दो पुलिस अधिकारियों को धमकी देने के मामले में मेरठ पुलिस 24 घंटे बाद भी खाली हाथ रही। एएसपी सतपाल सिंह के अनुसार रविवार होने के चलते टेलीकॉम कंपनी से डाटा नहीं मिल सका। वहीं, जांच में फेसबुक मुख्यालय को भी पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी गई है।
एसपी क्राइम डॉ. बीपी अशोक और एसपी सिटी रणविजय सिंह को शनिवार सुबह जान से मारने की धमकी देने के साथ ही पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। एएसपी के अनुसार अभी तक की जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों को यह कॉल एक ही शख्स ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिये एक एप के माध्यम से दी। कॉलर ने जिस नंबर को हैक किया वह उज्जैन मध्यप्रदेश का था जबकि इसका इंटरनेशनल कॉलिंग रूट ताजिकिस्तान का सामने आया।
मेरठ जोन के मामले खंगाले
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मेरठ जोन के सभी जिलों के ऐसे मामलों को खंगाला जा रहा है, जिनमें इस तरह इंटरनेट कॉलिंग के जरिये धमकी दी गई। ऐसे हैकरों की भी जांच की जा रही जिनमें नाम पुराने मामलों में प्रकाश में आ चुके हैं। इस संबंध में साइबर सेल अलग से जांच कर रही है।
मकसद क्या होगा
जांच में बड़ा सवाल यह है कि दोनों अधिकारियों को धमकी देने के पीछे मकसद क्या हो सकता है। एक पुलिस अधिकारी की मानें तो जिस भाषा में कॉलर अधिकारियों को धमकी दे रहा था, उसमें कहीं न कहीं मेरठ की बोली का पुट मिल रहा था। जिसके चलते पुलिस इस प्वाइंट पर भी जांच कर रही है कि इस तरह की धमकी महज सनसनी फैलाने के लिए दी गई या फिर वह सिरफिरा दोनों अधिकारियों को जानता है। क्योंकि दोनों ही पुलिस अधिकारियों को अलग-अलग छह से सात बार कॉल कर गालीगलौज के साथ धमकी दी गई। पूरे प्रकरण में सर्विलांस और साइबर सेल की टीम के साथ एएसपी सतपाल सिंह जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही धमकी देने वाले तक पुलिस पहुंच जाएगी। सतपाल सिंह के अनुसार फेसबुक से भी इंटरनेट कॉल की जा सकती है। इस संबंध में फेसबुक मुख्यालय से भी रिपोर्ट मांगी गई है।