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शोभापुर गांव में शांति बनाए रखना चुनौती

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मेरठ/कंकरखेड़ा। शोभापुर गांव में शांति कायम रखना पुलिस के लिए चुनौती है। गोपी की हत्या के बाद राजनीति तेज होने पर लोग डॉ. आंबेडकर जयंती पर अलग-अलग कार्यक्रम करने का प्लान बना रहे हैं। हालांकि पुलिस-प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने की पुख्ता तैयारी कर ली है।
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दो अप्रैल को हुए उपद्रव का मुख्य केंद्र शोभापुर गांव और कचहरी रहा था। शोभापुर पुलिस चौकी फूंककर लोगों से जमकर बवाल काटा था। इस मामले में गांव के लोग सबसे ज्यादा नामजद हैं। पुलिस बवालियों को गिरफ्तार करने की प्लानिंग बना रही थी। लेकिन इस बीच आपसी रंजिश में दलित युवक गोपी की हत्या के बाद गांव का माहौल एकदम बदल गया। अब गांव के कुछ लोग राजनीति करने में जुट गए हैं। 14 अप्रैल को गांव में जुलूस निकालने तो कभी दूसरे कार्यक्रम करने की बात कर रहे है। जिससे फिर से माहौल खराब हो सकता है।
गांव में तनावपूर्ण शांति
शोभापुर गांव में तनावपूर्ण शांति है। आरएएफ व पीएसी तैनात है। सीओ दौराला पंकज कुमार सिंह, सीओ ट्रैफिक विजय प्रकाश और इंस्पेक्टर दीपक शर्मा ने शनिवार को भी गांव में फ्लैग मार्च निकाला। गांव के अधिकांश लोग शांतिपूर्ण ढंग से आंबेडकर जयंती मनाने की बात कर रहे है। पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि गांव के 100 से ज्यादा लोग नामजद हैं। माहौल शांत रखा तो किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी।
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