मेरठ। लिसाड़ी गेट के नूरनगर से दस दिन पहले अपहृत युवती को पुलिस ने रविवार को बरामद कर लिया। थाने में युवती ने बखेड़ा कर दिया। दावा किया कि मैंने अपनी मर्जी से कोर्ट मैरिज की है। अब धर्मपरिवर्तन कर प्रेमी के साथ रहूंगी।
पुलिस के अनुसार मूलरूप से बागपत निवासी एक परिवार नूरनगर में रहता है। एक परिवार की युवती आठ फरवरी को घर से चली गई थी। युवती के परिजनों ने थाना लिसाड़ी गेट पर बागपत के खेकड़ा निवासी राकेश के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को युवती को लिसाड़ी रोड से बरामद कर लिया गया। सूचना पर युवती के परिजन थाने पहुंचे। लेकिन युवती ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया।
कोर्ट में भी यही दूंगी बयान
पुलिस के अनुसार युवती ने पुलिस को दिए बयानों में बताया कि मेरा अपहरण नहीं हुआ था। मैं अपनी मर्जी से गई थी। मैंने कोर्ट में शादी कर ली है और धर्म परिवर्तन कर प्रेमी के साथ ही रहूंगी। मुझे अपने परिजनों से जान का खतरा है। यदि घर गई तो परिजन उसकी हत्या कर देंगे। आरोप लगाया कि उसके परिजनों ने बीस दिन पहले भी उसे जान से मारने की कोशिश की थी। यदि वह घर से नहीं जाती तो उसकी हत्या कर दी जाती। कोर्ट में भी वह यही बयान देगी। एसओ लिसाड़ी गेट मो. असलम का कहना है कि युवती के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। कोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोगों की जुटी भीड़
युवती की बरामदगी के बाद दूसरे समुदाय के लोगों की थाने में भीड़ लग गई। हंगामा होने पर पुलिस ने सख्ती करते हुए लोगों को थाने से खदेड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने युवती से मिलने नहीं दिया।
- नूरनगर से दस दिन पहले अपहृत युवती को लिसाड़ी गेट पुलिस ने किया बरामद
- थाने में बोली कि नहीं हुआ था अपहरण, घर से नहीं जाती तो मार डालते परिजन