मेरठ और मुंबई के सराफ पुलिस की राडार पर
पीएनबी में करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस के साथ मेरठ व मुंबई के सराफों पर भी नजर रख रही है। पुलिस का मानना है कि चोर ज्वैलरी को गाजियाबाद नहीं बल्कि अन्य जिलों के बाजारों में बेचेंगे। करोड़ों के माल को बेचने के लिए चोर बड़े बाजार के सराफों से संपर्क कर सकते हैं। ऐसे में मुंबई और मेरठ पुलिस से भी मदद ली जा रही है।
पुलिस का मानना है कि अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद लूटे गए सामान को जल्दी से जल्दी बेचकर पैसा कमाने की कोशिश में लगे हो सकते हैं। इतनी भारी मात्रा में चोरी की गई करोड़ों की ज्वैलरी को बड़े बाजार की जरूरत पड़ेगी।
ऐसे में पुलिस की पहली नजर मेरठ के सराफों पर है। सूत्रों की मानें तो मेरठ के लिासाड़ी गेट के चार सराफ पुलिस की राडार पर हैं। मुखबिर की मदद से उन पर निगरानी रखी जा रही है।
मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद के बड़े सराफों से भी पूछताछ की जा रही है कि उनसे किसी ने माल बेचने के संबंध में संपर्क किया है या नहीं। पुलिस गाजियाबाद से मेरठ और मुजफ्फरनगर और मुंबई जाने के लिए ट्रेनों में रिजर्वेशन करवाने वाले लोगों का डाटा भी खंगाल रही है।
पुलिस शुक्रवार को मेरठ से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत मेें लेकर आई थी। उसकी निशानदेही पर शाहदरा दिल्ली से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया है।
बृहस्पतिवार शाम को इनसे जुड़े पीएनबी के चतुर्थ श्रेणी के कई कर्मचारियों को हिरासत में लेकर उनसे लंबी पूछताछ की गई। एसपी देहात ने बताया कि जांच चल रही है जल्दी ही परिणाम सामने आएगा।
पुलिस पर हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने के नाम पर रुपये लेने का आरोप लगा है। शुक्रवार को कुछ पीड़ित लोग इस संबंध में सीओ देवेंद्र मिश्रा से मिले।
उन्होंने बताया कि पुलिस निर्दोष लोगों को हिरासत में ले रही है और फिर उनको छोड़ने के नाम पर रुपये मांग रही है। सीओ ने शिकायतकर्ताओं को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।