गाजियाबाद के ध्यानार्थ
15 साल पुराना मामला, एसओ की मेज पर रखे थे 50 हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। करीब 15 साल पहले थाना भोजपुर गाजियाबाद के थानाध्यक्ष को रिश्वत देने के आरोपी मंगल चौहान को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मनजीत सिंह श्यौरान ने सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने के आरोप में दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास व 10 हजार रुपये की अर्थदंड की सजा सुनायी है।
सरकारी वकील सिराजुद्दीन अलवी ने बताया कि 11 नवंबर 2004 को थाना भोजपुर के प्रभारी ब्रजमोहन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि वह अपने थाने में बैठे हुए आवश्यक कार्य निपटा रहे थे। तभी उनके पास एक व्यक्ति आया, जिसने अपना नाम मंगल सिंह चौहान पुत्र भुवनेश्वर बताया। कहा कि चंद्रप्रकाश जिसकी गाड़ी व शराब जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया है, वह मेरा दोस्त है। उसने मुझे आपकी सेवा के लिए भेजा है। यह कहते हुए उसने गाड़ी व शराब छोड़ने की बात की और मेज पर 50 हजार रुपये रख दिए। जिस पर थानाध्यक्ष ब्रजमोहन सिंह ने मौके पर ही मंगल सिंह चौहान को रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने जांच कर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मनजीत सिंह श्यौरान ने सुनवाई करते हुए आरोपी मंगल चौहान को सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने के आरोप में दोषी पाते हुए सजा सुनायी है।