मरीज की मौत के बाद हंगामा, हापुड़ रोड जाम
मेरठ। हापुड़ रोड स्थित जगदंबा अस्पताल में मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनसे लाखों रुपये इलाज के नाम पर जमा करा लिए गये और मरीज की मौत होने बाद भी वेंटीलेटर पर रखकर डॉक्टर उन्हें जिंदा बताते रहे। गुस्साए लोगों ने हापुड़ रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहनों में तोड़फोड़ की भी कोशिश की गई।
हापुड़ के कोतवाली देहात क्षेत्र के लालपुर निवासी फकरुद्दीन (42) पुत्र यामीन छह दिन पहले सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिजनों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देते हुए दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजन घायल को निजी एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने लगे। आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने गुमराह करते हुए घायल को हापुड़ रोड पर जगदंबा अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने चंदा एकत्र करके इलाज के लिए 3 लाख चालीस हजार रुपये जमा करा दिए। शुक्रवार को उन्होंने ऑक्सीजन का सिलेंडर भी दूसरे अस्पताल से लाकर दिया। उसके बाद भी डॉक्टर उन्हें आश्वासन देते रहे कि मरीज की हालत ठीक हो जाएगी।
परिजनों ने बताया कि मरीज की मौत 24 घंटे पहले हो गई और डॉक्टरों ने बिल बनाने के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर रख दिया। शनिवार को परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव को हापुड़ रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसओ मेडिकल सतीश कुमार, नौचंदी और लिसाड़ीगेट पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।
कमीशन का खेल
लोगों ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल से एंबुलेंस के चालकों का कमीशन बंधा हुआ है। दिल्ली रेफर किए मरीज को जबर अस्पताल के बाहर ले जाकर कहा कि यहां इलाज करा लो। विरोध किया तो कहा कि एंबुलेंस दिल्ली नहीं जा सकती।
परिजन जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है। मरीज की मौत होने के बाद परिजनों को बता दिया गया था। ऑक्सीजन बाहर से लाने की बात भी परिजन गलत बोल रहे हैं। बिल भी जायज लिया गया। परिजनों ने ही स्टाफ से अभद्रता कर धमकी दी। रविंद्र कुमार, अस्पताल मालिक