मेरठ। एनएएस कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक को एक तमंचा व चार कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि गिरफ्तार कराने वाला पुलिस का मुखबिर भी जानलेवा हमले का मुल्जिम है। जिस पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने में हंगामा किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने तरुण के हमलावरों को क्यों नहीं पकड़ा। मामला तूल पकड़ने पर पुलिस ने तरुण को जेल भेजकर पीछा छुड़ाया।
एनएएस कॉलेज में छात्रों की गुटबाजी चल रही है। एबीवीपी से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक व दूसरा पक्ष राहुल मावी का है। दोनों तरफ से एक-दूसरे के ऊपर जानलेवा हमले के मुकदमे सिविल लाइन थाने में दर्ज कराए हैं। एनएएस कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का मतदान शुक्रवार को होना है। जिसके चलते छात्रों में फिर से तनाव की स्थिति बनी है। बुधवार को सिविल लाइन पुलिस ने तरुण मलिक को कॉलेज परिसर से गिरफ्तार कर लिया है।
इसकी जानकारी लगने पर एनएएस कॉलेज के छात्रसंघ एबीवीपी प्रत्याशी विक्रांत देशवाल, सचिन करनावल, मनु राठी, विक्रांत भटीपुरा, विशाल कसाना समेत सैकड़ों छात्र सिविल लाइन थाने पहुंचे। छात्रों ने आरोप लगाया कि राहुल मावी और उसके साथियों ने एक दरोगा सेे साठगांठ कर तरुण को गिरफ्तार कराया है। राहुल मावी भी जानलेवा हमले का आरोपी है। लेकिन पुलिस ने उसे नहीं पकड़ा। आरोप है कि छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर दूसरे पक्ष की साजिश से तरुण की गिरफ्तारी हुई है।
तमंचा और चार कारतूस मिले
पुलिस का दावा है कि तरुण से 32 बोर का एक तमंचा और चार कारतूस बरामद हुए हैं। जबकि छात्रों का आरोप कि पुलिस ने दूसरे पक्ष से तमंचा लेकर उसके ऊपर लगाया है। मौके से कोई तमंचा तरुण से बरामद नहीं हुआ। कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी पुलिस चेक कर सकती है।
दरोगा पर लगाए आरोप
छात्रों ने साकेत चौकी इंचार्ज विजय कुमार पर जानलेवा हमले के आरोपियों से साठगांठ करने का आरोप लगाए। छात्रों ने कहा कि एनएएस कॉलेज हाशिमपुरा चौकी क्षेत्र में आता है। लेकिन तरुण को गिरफ्तार करने वहां की पुलिस नहीं गई। दरोगा विजय ने उसे पकड़ा है। हालांकि दरोगा विजय कुमार का कहना है कि मुखबिर की सूचना मिली, तभी पुलिस टीम लेकर कॉलेज में दबिश दी और तरुण का गिरफ्तार किया। सेटिंग के आरोप गलत हैं।
जातिगत चल रही रंजिश
छात्रों ने बताया कि एनएएस कॉलेज में जातिगत रंजिश चल रही है। जाट-गुर्जर में वर्चस्व को लेकर छात्रों में विवाद चल रहा है। इसको लेकर छात्रसंघ चुनाव में भी खूनखराबा होने का अंदेशा बढ़ रहा है। पुलिस ने दोनों तरफ से पांच-पांच छात्रों को गिरफ्तार करने की बात कही है। तरुण को बदमाश की तरह हवालात में डालने पर भी छात्रों ने आपत्ति जताई है।
यह चल रहा विवाद
सिविल लाइन क्षेत्र के एनएएस कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष तरुण मलिक पर 29 अगस्त को जानलेवा हमला हुआ था। जिसमें राहुल मावी, सागर विकल, विनीत मोतला और अतुल मोतला पर केस दर्ज हुआ था। उसके बाद 11 अक्तूबर को राहुल मावी ने तरुण मलिक पर केस दर्ज करा दिया था। दोनों में समझौते के प्रयास भी हुए। लेकिन बात नहीं बनी। छात्रों का कहना है कि अगर दूसरे पक्ष से आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह पुलिस के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
मुझे बताया था
इंस्पेक्टर सिविल लाइन कमलेश शुक्ला के अनुसार दरोगा विजय ने छात्रनेता तरुण को गिरफ्तार करके मुझे बताया था। तरुण से एक तमंचा और चार कारतूस भी मिले है। छात्रों की संख्या देखते हुए तरुण को जानलेवा हमले के मामले में जेल भेजा गया है।
खास बातें:
- जानलेवा हमले के आरोपी ने तमंचे और कारतूस के साथ पकड़वाया
- छात्रों की गुटबाजी में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में
- एबीवीपी कार्यकर्ताओं का सिविल लाइन थाने में हंगामा