मेरठ। सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपियों की एक साल बाद भी गिरफ्तारी न होने से गुस्साई महिला और उसकी बेटियों ने शनिवार को एसएसपी ऑफिस पर बखेड़ा कर दिया। एक नामजद आरोपी को दौड़ाकर पीटा गया। बीचबचाव करने पर महिला सिपाहियों से भी हाथापाई कर दी गई।
पुलिस के अनुसार लिसाड़ी गेट क्षेत्र निवासी एक महिला अपनी बेटियों के साथ एसएसपी ऑफिस पहुंची थी। उस समय प्रभारी एसपी सिटी संजीव वाजपेयी जनसमस्याएं सुन रहे थे। महिला ने बताया कि 31 मई 2017 को उसके पड़ोस में रहने वाले चार भाइयों ने घर में घुसकर उसकी दो बेटियों के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। विरोध करने पर चाकू से हमला कर ज्वैलरी लूट ली थी। लिसाड़ी गेट थाने में इसका केस दर्ज कराया गया था। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
महिला का आरोप है कि आरोपी समझौता न करने पर उसकी बेटी के अपहरण की धमकी दे चुके हैं। लेकिन पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इसी दौरान उन्होंने एसएसपी ऑफिस पर एक नामजद आरोपी को देख लिया, जिसके साथ एक वकील भी था। महिला और उसकी बेटियों ने आरोपी को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। इस पर वहां मौजूद महिला सिपाहियों ने हस्तक्षेप किया तो उनके साथ भी हाथापाई कर दी गई। करीब आधा घंटे तक एसएसपी ऑफिस में बखेड़ा चलता रहा। सूचना पर पहुंची सिविल लाइन और महिला थाना पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया, जबकि आरोपी युवक इरशाद को गिरफ्तार कर लिया।
विवेचक को लगाई फटकार
प्रभारी एसपी सिटी संजीव वाजपेयी ने लिसाड़ी गेट थाना पुलिस को एक साल में केस का निस्तारण न करने पर फटकार लगा दी। जिसके बाद सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने इस केस के विवेचक अनिल सैनी के खिलाफ रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी।