मेरठ। पुलिस सूत्रों की मानें तो कुख्यात अंकित राठी ही एसटीएफ का मुखबिर था। अंकित राठी ने पहले नरसी गैंग के तीन बदमाश पकड़वाए थे और अब नरसी व धीरज का खात्मा कराया है।
बताया जा रहा है कि नरसी व अंकित कभी एक ही गैंग में थे। नरसी ने अंकित से किनारा कर अपना अलग गैंग तैयार किया था। उसको लेकर अंकित राठी बहुत परेशान था। जिसके बाद अंकित ने एसटीएफ से संपर्क किया और नरसी का गैंग खत्म करा दिया। इसको लेकर पुलिस महकमे में चर्चा है कि एसटीएफ ने एक कुख्यात को मोहरा बनाकर एनकाउंटर में दोनों बदमाशोें को ढेर किया है।
नशा करके करते थे वारदात
पुलिस अफसरों ने बताया कि नरसी और उसके गैंग के बदमाश पहले शराब या भांग पीते थे। उसके बाद हाइवे पर लूट की वारदात करते थे। हाइवे पर दुल्हन महविश की लूट के बाद हत्या भी नरसी ने इसी तरीके से की थी।
इनाम कर भूल गई थी पुलिस
दुल्हन की हत्या के बाद मेरठ पुलिस मुख्य आरोपी नरसी और धीरज को मानो भूल ही गई थी। 25-25 हजार का इनाम एसएसपी मेरठ ने दोनों बदमाशों पर किया था। लेकिन मेरठ पुलिस ने इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। जबकि एसटीएफ लगातार इनकी तलाश में लगी थी।