मेरठ। दो मुकदमों में गवाहों के साक्ष्य देने के लिए कोर्ट में पेश न होने पर एडीजे कोर्ट-13 ने जिलाधिकारी पर ढाई-ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जो आगामी 4 सितंबर तक जिला जज की लीगल एड कमेटी के खाते में जमा करके रसीद अदालत में दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
पहला मामले में आरोपी के अधिवक्ता विजय चौधरी के अनुसार थाना मवाना का एडीजे कोर्ट-13 में गुलाब आदि पर हत्या का मुकदमा चल रहा है। जिसमें साक्ष्य के लिए 83 तारीखें चार साल से लग चुकी हैं। जिसमें गवाह दरोगा विनोद कुमार व कांस्टेबिल अजय कुमार कोर्ट में साक्ष्य देने नहीं पहुंचे। कोर्ट ने उनके खिलाफ एनबीडब्लू और धारा 350 सीआरपीसी का नोटिस भी जारी किया। एसएसपी को भी पत्र भेजा। लेकिन इतना लंबा समय बीतने के बाद भी गवाह उपस्थित नहीं हुए। दूसरे मामले में थाना किठौर के जानलेवा हमले के मुकदमे सरकार बनाम पप्पू में भी इसी प्रकार 93 तारीखाें से सरकारी गवाह कांस्टेबिल अजय कुमार व देवेंद्र सिंह के गवाही पर न आने पर अपर जिला जज ने गंभीर माना।
अपर जिला जज ने आदेश में कहा कि मुकदमे का त्वरित निस्तारण अभियुक्त का मौलिक अधिकार है और अगर यह नही होता है तो यह कानून का उल्लंघन है। जिसे दृष्टिगत रखते हुए आदेश पारित किया। इस मामले में साक्षी नही आ रहे है जबकि अभियुक्त गुलाब व जॉनी प्रत्येक तारीख पर हाजिर हो रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष का मुखिया होने के नाते जिलाधिकारी का कर्तव्य बनता है कि उनको सभी प्रकार की जानकारी होनी चाहिए। ऐसा न होने पर जिलाधिकारी पर दोनों मामलों में पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है।
- दो मुकदमों में गवाहों के कई तारीखों पर कोर्ट में पेश न होने पर दिए आदेश
- जिला जज की लीगल एड कमेटी के खाते में जुर्माना जमा करके रसीद कोर्ट में करें दाखिल