सरधना/मेरठ। शनिवार से अपहृत चल रहे सरधना के खेड़ा गांव निवासी निजी पशु चिकित्सक की हत्या कर दी गई। उसका शव रविवार को मेरठ-करनाल हाइवे से सटे गोटका-बपारसी के जंगल में पॉपुलर के पेड़ पर लटका मिला। मौके पर पहुंची पुलिस इसे आत्महत्या का केस बताने लगी तो गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव को हाइवे पर रखकर करीब तीन घंटे तक जाम लगा दिया। एसपी देहात के आश्वासन पर जाम खोला गया।
पुलिस के अनुसार खेड़ा गांव निवासी राहुल (24) पुत्र सुभाष निजी पशु चिकित्सक होने के अलावा पिता के साथ खेती में भी हाथ बंटाता था। राहुल शनिवार को करीब डेढ़ बजे घर से बाइक लेकर खेत पर जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने खोजबीन के दौरान राहुल को कॉल की थी। लेकिन वह रिसीव नहीं हुई।
रविवार सुबह ग्रामीण पर गोटका-बपारसी के जंगल में ईंट भट्ठे के पास पहुंचे तो पेड़ पर एक युवक का शव लटका मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने शव की पहचान राहुल के रूप में की। आत्महत्या का मामला समझकर इसकी सूचना राहुल के परिजनों और पुलिस को दी। पुलिस ने शव पेड़ से उतरवाया। इस बीच परिजन भी जा पहुंचे। एसओ सरधना धर्मेंद्र राठौर ने शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की तो परिजन और ग्रामीण भड़क गए और इसे हत्या का केस बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया।
नहीं उठने देंगे शव
परिजनों ने कहा कि राहुल ने आत्महत्या नहीं की। बल्कि हत्या कर इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए पेड़ से लटकाया गया है। जब तक केस नहीं खुलता और परिवार को पांच लाख की आर्थिक मदद की घोषणा नहीं होती, शव नहीं उठने दिया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीणों ने हाइवे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
वाहनों की लगीं कतारें
जाम लगने से हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जिसमें लोगों को काफी परेशानी हुई। पुलिस ने भूनी चौराहा से रूट डायवर्ट कर दिया। सूचना पर एसपी देहात राजेश कुमार और सीओ सरधना संतोष सिंह वहां पहुंचे। एसपी देहात ने मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये के मुआवजे के लिए फाइल बनाकर भेजने का आश्वासन दिया। जिसके बाद भीड़ शांत हुई और जाम खुल सका। राहुल के ताऊ बीर सिंह ने हत्या का केस दर्ज कराया है।
पेट्रोल के साथ जिंदगी खत्म
ग्राम प्रधान पति ओमबीर सिंह ने एसपी देहात से कहा कि राहुल के शरीर पर लगा रेत व एक पांव में लगी रगड़ हत्या बता रही है। पेड़ से शव लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। राहुल की बाइक बपारसी के निकट पेट्रोल पंप पर खड़ी मिली। एक दुकानदार ने बताया कि राहुल ने पेट्रोल खत्म होने की बात कर बाइक यहां खड़ी की थी। शनिवार को पंप पर भी पेट्रोल खत्म था, जिस कारण वह दूसरे किसी पंप से पेट्रोल लाने की बात कहकर गया था।
15 दिनों में आठ मौतें
सरधना। खेड़ा गांव में 15 दिनों के भीतर आठ लोगों की मौत हो चुकी हैं। खेड़ा गांव निवासी राहुल का शव मिलने के बाद चर्चा रही कि आखिर उनके गांव को किसकी नजर लग गई। जिसमें ग्रामीण बिजे के एक ही कुटुंब में तीन मौतें हो चुकी हैं। जिसमें बिजे का बड़ा बेटा रणवीर व दूसरा मनोज, मनोज के बेटे 19 वर्षीय शिवम की 13 जून को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। रणवीर के ही पुत्र गौतम की तीन वर्ष की बेटी की 14 जून को अचानक तबियत खराब होने पर मौत हो गई। रणवीर के बेटे अजीत के ढाई वर्षीय बेटे अर्पित की 16 जून की सुबह मौत हो गई।
परिजनों में कोहराम
राहुल तीन भाईयों में दूसरे नंबर का था। सबसे बड़ा भाई अंकित व तीसरे नंबर पर गौरव हैं। पिता सुभाष के पास करीब पांच बीघा जमीन है। राहुल की शादी हो चुकी थी। परिवार में पत्नी के साथ दो बेटियां हैं। परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।