भूत नहीं, मामला थाने के कर्मचारी से जुड़ा मिला
खरखौदा।कस्बा स्थित कस्तूूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रात्रि में भूत बनकर छात्राओं को डराने के मामले में डीएम के नाम लिखी चिट्ठी में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम सोमवार को जांच करने पहुंची। उन्हें मामला भूत का नहीं बल्कि थाने के किसी कर्मचारी से जुड़ा मिला। टीम ने जांच रिपोर्ट बाल कल्याण समिति को सौंपने की जानकारी दी है।
कस्बे के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चों ने पिछले माह डीएम के नाम चिट्ठी लिखी। जिसमें छात्राओं ने आरोप लगाया था कि स्कूल में वार्डन के पास में किसी बाहरी व्यक्ति का आना जाना है। बच्चों ने आरोप लगाया कि युवक और स्कूल वार्डन रात में भूत बनकर और स्कूल के पास स्थित खंडहर से टार्च की रोशनी मारकर डराते हैं। चिट्ठी में बताया था कि बाहरी व्यक्ति का स्कूल परिसर में आने का कुछ छात्राओं ने विरोध किया तो वार्डन ने चार छात्राओं को स्कूल से निकाल दिया था। खंड शिक्षा अधिकारी ने इसकी जांच रिपोर्ट सौंप दी थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर छात्राओं ने डीएम को पत्र भेजकर शिकायत की थी।
यह बोले बच्चे
सोमवार को स्कूल खुलते ही चाइल्ड हेल्पलाइन की दो सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने एक-एक बच्चे से पूछताछ की। चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों के अनुसार बच्चों ने बताया कि रात्रि में थाने से जुड़ा कोई कर्मचारी छात्रावास में आता-जाता है। कई बार दूसरे शिक्षकों और छात्राओं ने विरोध जताया। इस पर वार्डन ने कई बच्चों को स्कूल से निकाल दिया। वहीं, छोटी छात्राओं को रात्रि में डराया जाता है। कई छात्राओं ने बताया कि शिकायत करने पर जान से मारने तक की धमकी दी जाती है।
वार्डन से मांगा स्पष्टीकरण
बीएसए सतेंद्र ढाका के अनुसार शिकायत पर एबीएसए ने विद्यालय जाकर जांच की थी। वार्डन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा संतोष गोयल का कहना है कि वार्डन समेत सभी शिक्षिकाओं और छात्राओं से पूछताछ कर रिपोर्ट डीएम को भेज दी है।
आरोप निराधार हैं
सभी आरोप निराधार हैं। मुझे विद्यालय से हटाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। स्टाफ के लोग ही इस साजिश में शामिल हैं। मैंने बायोमेट्रिक मशीन शुरू होने के बाद सेे विद्यालय में अतिरिक्त सख्ती कर दी थी। इसके चलते ये आरोप लगाए जा रहे हैं। -पूनम भारती, वार्डन
खास बातें:
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पहुंची बाल कल्याण समिति की टीम