खरखौदा। पुलिस ने बृहस्पतिवार को गांव अल्लीपुर के जंगल में गोकशी की सूचना पाकर छापेमारी की। वहां से पुलिस ने भारी मात्रा में मीट बरामद किया। पुलिस ने कार्रवाई किए बिना मीट दबा दिया। इसकी चर्चा फैली तो पुलिस 12 घंटे बाद शुक्रवार को रिपोर्ट दर्ज कर मीट का नमूना लेकर पशु अस्पताल पहुंची।
गांव अल्लीपुर के जंगल में कुछ लोग गोकशी कर रहे हैं। इसकी जानकारी पाकर यूपी 100 और खरखौदा पुलिस मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें दबोचकर करीब तीन क्विंटल मीट, काटने के औजार समेत अन्य सामान बरामद किया। आरोप है कि पुलिस ने बाद में आरोपियों को छोड़ दिया तथा मामला रफा-दफा करने के लिए जेसीबी से मीट दबा दिया। इस मामले की जानकारी अधिकारियों को भी नहीं दी। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों में चर्चा हुई तो पुलिस ने खेल कर दिया। वह रिपोर्ट दर्ज करके स्वयं नमूना लेकर पशु अस्पताल पहुंची।
कटान की जानकारी नहीं दी
पुलिस ने जैसे ही कटान पकड़ा तो कार्रवाई करने के बजाय मैनेज करने में लग गई। इसकी जानकारी किसी भी अधिकारी को नहीं दी। यदि देते तो रात्रि में प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचते। वे मौके से मीट का नमूना लेकर जांच के लिए भेजते। वहीं, प्रशासन के किसी अधिकारी की मौजूदगी में मीट को नष्ट कराया जाता। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के लिए अस्पताल भेजे गए नमूने की प्रमाणिकता संदिग्ध है।
थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में एसएसपी से बात की जाएगी तथा थानाध्यक्ष को हटाने की मांग की जायेगी। -बलराज डूंगर, प्रदेश संयोजक बजरंग दल
उन्हें रात्रि में कोई सूचना नहीं दी गई। शुक्रवार को थाने का एक सिपाही स्वयं मीट का नमूना लेकर पशु अस्पताल फफूंडा पहुंचा तथा बताया कि मामला थाने में मामला पंजीकृत है। -डा. संजय चतुर्वेदी, पशु चिकित्सक फफूंडा
यह गंभीर मामला है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की यह जांच का विषय है। जांच में आरोप सिद्ध होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।-चक्रपाणी त्रिपाठी, सीओ किठौर
संबंधित सभी अधिकारियों को रात में ही कटान की सूचना दे दी थी। इस मामले में सभी कार्रवाई नियमानुसार की गई है। रवि चंद्रवाल, कार्यवाहक थानाध्यक्ष खरखौदा
मुख्य बातें
अल्लीपुर गांव में पुलिस ने छापा मारकर तीन क्विंटल मीट बरामद किया
खरखौदा पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप