एससी/एसटी एक्ट में न्यायालय के आदेश के विरोध में भारत बंद के दौरान मवाना में दलित समुदाय के युवकों द्वारा किए गए उपद्रव में नामजद 14 लोगों में से पुलिस एक नामजद आरोपी को भी तीन दिन बाद भी गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। वहीं, एक आरोपी जयचंद फौजी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
उल्लेखनीय है कि दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान सड़कों पर उतरे दलित समुदाय के युवकों ने नगर के बाजार में जमकर उत्पात मचाया था। जिसमें एक दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ ही उनमें लूटपाट की थी। वहीं, दुकानदारों को मारपीट कर घायल कर दिया था। इस संबंध में पांच व्यापारियों ने नामजद तहरीर दी थी। वहीं, थाना प्रभारी ब्रजेश कुशवाहा ने इस मामले में 14 नामजद तथा 5 सौ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
तीन दिन व्यतीत होने के बाद भी पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है। वहीं, पांच सौ अज्ञात में से कोई नया उपद्रवी चिंह्ति नहीं कर सकी है। इस संबंध में एसएसआई करतार सिंह का कहना है कि पुलिस को जो वीडियो मिली उनसे उपद्रवियों को चिंह्ति करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, उन्होंने बताया कि नामजद आरोपी जयचंद फौजी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।