वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा
सड़क किनारे दिखाई देते हैं वन, अंदर लहलहाती हैं, फसलें
-कब्जे होने के बाद भी अंजान बना बैठा है महकमा
दातागंज। करीब चार दशक पहले इलाके में मौजूद वन विभाग के वन बेहद घने और खतरनाक थे। धीरे-धीरे वनों पर कब्जा करने का सिलसिला शुरू हो गया और आज तहसील क्षेत्र में वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर लोगों का कब्जा है। कब्जा करने वाले बाकायदा उस जमीन पर फसल कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि सड़क किनारे वन तो नजर आते हैं मगर अंदर की जमीन पर फसल लहलहा रही हैं। सब कुछ जानते हुए भी वन विभाग आंख बंद किए हुए है।
कहने को तहसील दातागंज क्षेत्र में कई गांवों में वन विभाग की जमीन हैं। चार दशक पहले तक बेहद घने वन थे। हर तरह पेड़ ही पेड़ नजर आते थे। आलम था कि दिन के वक्त कोई व्यक्ति उन वनों में नहीं जाता था। हिसंक जानवरों के साथ ही अन्य जीव जंतु भी उन वनों में रहते थे। गांव हडौरा, गूरा नवीगंज, बसेला और ठिरिया का वन सबसे ज्यादा घना था। धीरे-धीरे वन साफ होते गए। सेटिंग के चलते वन में खड़े बबूल आदि के पेड़ों को काट लिए गए। वर्तमान में उन वनों पर नजर डालते हैं तो पेड़ों के स्थान पर फसलें खड़ी दिखाई दे रही हैं। कब्जा भी इस तरह किया गया है कि सड़क किनारे तो वन नजर आएंगे। मगर अंदर खेती हो रही होती है। क्षेत्र में जहां पर भी वन विभाग की जमीन है उन स्थानों पर ज्यादातर कब्जे ही हो चुके हैं।
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क्षेत्र के इन गांवों में हैं वन
दातागंज। तहसील क्षेत्र के गांव बौरा, उरैनिया, अंगेसी, बसेला, चिंजरी, सैंजनी, वीरमपुर, मुड़सेना खुर्द, कौड़ा जयकरन, हडौरा, किश्नी मेहरा, टक सेना, नवीगंज, रिठिया, गूरा नवीगंज, फुंचियाई आदि। इन गांवों में स्थित वन विभाग की जमीन पर कब्जे हैं।
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सिर्फ तीन गांवों में कराए गए कब्जे के मुकदमे
दातागंज। कब्जे करने वालों ने वनों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। पेड़ों के अंधाधुंध कटान की वजह से पर्यावरण की समस्या भी खड़ी हो रही है। तहसील क्षेत्र में वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा है। मगर विभाग की ओर से गांव बौरा, उरैनिया और अंगेसी में ही कब्जा किए जाने के मामले में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
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बदमाशों की भी आरामगाह थे ये वन
घने वन होने का फायदा बदमाश भी उठाते थे। किसी भी वारदात करने के बाद बदमाश उन्हीं वनों में शरण लेते थे। उन वनों में हिंसक जानवरों के साथ ही बदमाशों के होने के कारण लोग उधर से गुजरते समय डरे होते थे।
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वन दरोगा को नहीं पता कहां है कब्जा
दातागंज। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत हजरतपुर इलाके में वनों की सुरक्षा को वर्ष 2015 से महेश चंद्र वन दरोगा के रूप में तैनात हैं। उनके क्षेत्र में कितनी जमीन पर कब्जा है इस बारे में उन्हें कुछ नहीं मालूम है। पूछने पर उन्होंने जानकारी होने से इंकार कर दिया।
वर्जन
कुछ ही समय पहले मैंने यहां का चार्ज लिया है। क्षेत्र में वन विभाग का कितना रकबा है इस बारे में भी अभी मुझे जानकारी नहीं है। यदि वन की जमीन पर कब्जे की शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जेपी सिंह, रेंजर वन विभाग दातागंज