मेरठ। सिपाही परीक्षा में सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश करने वाली एसटीएफ विवादों में घिर गई। लंबे समय से मेरठ में जमे इंस्पेक्टर और दरोगा को रिलीव कर दिया गया। इसको लेकर पुलिस महकमे में अलग-अलग चर्चाएं हैं। हालांकि एसटीएफ पर लगे आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए।
मेरठ एसटीएफ के सिपाही बिजेंद्र कुमार और फायरब्रिगेड के सिपाही दीपक को सहारनपुर में पुलिस परीक्षा में नकल कराने की साजिश में मंगलवार को पकड़ा गया था। पुलिसकर्मियों को छुड़ाने के लिए उनके विभागीय साथियों ने सहारनपुर पुलिस को फोन किया। जिसकी शिकायत सहारनपुर पुलिस ने लखनऊ हाईकमान से की। मेरठ में मुन्नाभाई से काफी पैसा बरामद होनी की चर्चा भी लखनऊ तक गूंज गई। जिस पर बुधवार को शासन से संज्ञान ले लिया गया।
शासन ने निर्देश दिए कि एसटीएफ मेरठ में जो अधिकारी अंडर ट्रांसफर है, उसे तुरंत रिलीव किया जाए। जिस पर इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव व दरोगा योगेश सिंह को रिलीव कर दिया गया। इंस्पेक्टर राकेश कुमार, सिपाही आशु व नितिन पहले ही रिलीव हो चुके हैं। एसटीएफ मेरठ की शिकायत एक सप्ताह पहले भाजपा विधायक दिनेश खटीक ने भी लखनऊ में डीजीपी ओपी सिंह से की थी। एसटीएफ की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। चर्चा है कि इसी शिकायत पर डीजीपी ने संज्ञान लिया है।
दोनों सस्पेंड, बर्खास्त होंगे
स्टेनो बाबू बिजेंद्र और गाजियाबाद फायरब्रिगेड में तैनात सिपाही दीपक को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया। दोनों की बर्खास्तगी की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। एसटीएफ एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों पर विभागीय स्तर से बड़ी कार्रवाई होगी। बिजेंद्र ने पूछताछ में अपने चचेरे भाई के साथ जाने की बात कही है। चचेरा भाई भी पुलिस परीक्षा देने सहारनपुर गया था।
अरविंद राणा की तलाश में दबिश
एसटीएफ ने बताया कि सॉल्वर गैंग का सरगना बड़ौत का अरविंद राणा और कवि बताया गया है। उनको भी आरोपियों के साथ 120 (साजिशकर्ता) का मुल्जिम बनाया गया है। एसटीएफ ने दोनों की तलाश में बागपत समेत कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
जेल गए सॉल्वर गैंग के सदस्य
कंकरखेड़ा। सिपाही परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग को कोर्ट में पेश करने के बाद बुधवार को जेल भेज दिया गया। एसटीएफ और कंकरखेड़ा पुलिस ने पठानपुरा के एक घर में दबिश देकर सॉल्वर गैंग के 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी सिपाही परीक्षा के असली अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने की तैयारी में थे। एसएसआई महेश चंद के अनुसार इन सभी 23 आरोपियों के अलावा परीक्षा सेंटर से पकड़े मुन्ना भाई गंगा सिंह को जेल भेज दिया गया।
पैसों का आरोप बेबुनियाद
अंडर ट्रांसफर को रिलीव करने का आदेश एक सप्ताह पहले आ गया था। जिसके चलते इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव और दरोगा योगेंद्र सिंह को रिलीव किया गया है। पुलिस परीक्षा में एसटीएफ ने सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश किया व कई मुन्नाभाई गिरफ्तार कर जेल भेजे। पैसों के खेल का आरोप बेबुनियाद है। -बृजेश कुमार सिंह, सीओ एसटीएफ मेरठ