मेरठ। जिले के नौ थानों में चार इंस्पेक्टरों का फार्मूला तो लागू कर दिया गया है। लेकिन अधिकांश थानों के हालात खराब हैं। कहीं टीन शेड में थाने चल रहे हैं तो कहीं जगह और संसाधनों के अभाव में पुलिसकर्मियों को खुले में बैठकर सरकारी काम करना पड़ रहा है। वहीं थानों में सरकारी वाहनों की संख्या भी सीमित है। ऐसे में व्यवस्था बनाना चुनौती ही है।
थाना ब्रह्मपुरी
थाना कार्यालय के अलावा थानाध्यक्ष, कंप्यूटर कक्ष ,मालखाना, हवालात और एक सब इंस्पेक्टर कक्ष है। बीट ऑफिसर और अन्य स्टाफ बरामदे में ही बैठकर काम करता है। आगंतुक कक्ष तक यहां नही है। फरियादी बरामदे में ही बैठते हैं। गर्मी में तो धूप फैलने पर यहां बैठा भी नहीं जाता। पीछे की ओर होमगार्ड कक्ष है। माधवपुरम शारदा रोड, किशनपुरा, गणेशपुरी चौकी है लेकिन इनकी हालत खस्ता है। यहां तैनात दरोगा भी थाने में ही बैठते हैं। थाना कोतवाली
यहां कार्यालय कक्ष, थाना प्रभारी कक्ष, कंप्यूटर कक्ष और हवालात व मालखाना है। सब इंस्पेक्टरों और आगंतुकों के लिए भी अलग से कमरा नही है। थाने में एक इंस्पेक्टर और छह सब इंस्पेक्टरों के अलावा तीन अंडर ट्रेनी दरोगा हैं। इनमें से पांच की तैनाती पुलिस चौकियों पर हैं लेकिन दो चौकियों की हालत खस्ता होने की वजह से इन्हें भी भी थाने में ही बैठना पड़ता है।
थाना गंगानगर
तीन साल पहले बना यह थाना दो साल तक एक कमरे में ही चला। एक साल पूर्व यहां प्लाइवुड के दो-दो केबिन बनाए गए। इनमें एक थानाध्यक्ष और दूसरा कंप्यूटर कक्ष बनाया गया। आगे टीन शेड डालकर कवर किया गया है। इसी में स्टाफ और फरियादी बैठते हैं। सड़क पर ही वाहन खड़े करने की जगह है। इस थाने में स्टाफ के लिए ही बैठने की जगह नहीं है।
परेशानियां हैं तो उनका हल भी मौजूद
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय कहते हैं कि फोर फार्मूला लागू करने में कुछ व्यावहारिक परेशानियां हैं तो उनका हल भी है। यह सही है कि कुछ सर्किल में संसाधन और सुविधाओं के लिहाज से दिक्कतें हैं। खासतौर से गंगानगर और ब्रह्मपुरी में। गंगा नगर थाने में बैठने की समस्या है। यहां थाने की नई बिल्डिंग बनेगी। जमीन आवंटित हुई है। लेकिन उसमें वक्त लगेगा। विचार है कि गंगानगर थाने से सटे सीओ ऑफिस को परीक्षितगढ़ शिफ्ट कर दिया जाए इससे थाने के लिए जगह बढ़ जाएगी। परीक्षितगढ़ भी इसी सर्किल में है।
ब्रह्मपुरी थाने में भी जगह कम है। थाने के पास ही शारदा रोड पुलिस चौकी पर जगह उपलब्ध है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षकों के बैठने की जगह चौकी में कराई जाएगी। इन सबके लिए योजना तैयार की जा रही है। मुख्यालय से अनुमति के बाद व्यवस्थाएं की जाएंगी। एसएसपी ने कहा कि शासन के निर्देशों का हर हाल में पालन कर इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन कराया जाएगा।