इंस्पेक्टर अभिषेक पर हत्या का मुकदमा दर्ज
संशोधित समाचार
- देवबंद कोतवाली के प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप सिंह की मौत का मामला
- कुलदीप की पत्नी की तहरीर पर पूर्व इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही नामजद, हत्या करके आत्महत्या का रूप देने का लगाया आरोप
- कंकरखेड़ा मेरठ से देवबंद कोतवाली पहुंचे परिजनों ने किया हंगामा, आत्मदाह करने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
देवबंद/सहारनपुर/मेरठ। कोतवाली देवबंद के रणखंडी चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह की मौत के मामले में रविवार को परिजनों के हंगामे के बाद देवबंद के तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिषेक सिरोही के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरोगा कुलदीप की पत्नी शिल्पी का आरोप है कि इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही ने उसके पति की हत्या कर दी और आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। रिपोर्ट दर्ज होने पर इसकी जांच सीओ द्वितीय मुकेश मिश्र को सौंपी गई है।
देवबंद कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक (प्रशिक्षु) कुलदीप सिंह की 31 जनवरी की सुबह संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनका शव कमरे में लटका मिला था। तब पुलिस ने कुलदीप के मोबाइल फोन में ऑडियो रिकॉर्डिंग बयान के आधार पर इसे आत्महत्या बताया था जबकि परिवार के लोगों ने आरोप लगाया था कि कुलदीप की हत्या हुई है।
श्रद्धापुरी कंकरखेड़ा निवासी दरोगा कुलदीप सिंह की पत्नी शिल्पी तथा परिवार के अन्य लोग रविवार को देवबंद कोतवाली पहुंचे। शिल्पी की तहरीर पर इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। तहरीर में शिल्पी ने आरोप लगाया कि उसके पति कुलदीप सिंह यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर देवबंद कोतवाली में प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत थे। यहां एसएचओ उन्हें मानसिक और शारीरिक रुप से प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि उन्होंने हर तरह से पति का जीना मुश्किल कर दिया था। आरोप लगाया कि वह अक्सर धमकी देते थे कि इतना टॉर्चर करूंगा कि या तो आत्महत्या कर लेगा या नौकरी छोड़कर भाग जाएगा। शिल्पी ने शक जताया कि इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही ने साथियों के साथ मिलकर उसके पति की हत्या कर दी और उसे आत्महत्या का रुप देने का प्रयास किया गया।
आत्मदाह की चेतावनी के बाद लिखी एफआईआर
कुलदीप के पिता अशोक कुमार, पत्नी शिल्पी और बहनोई सुधीर बालियान सहित करीब 50 लोग रविवार सुबह देवबंद कोतवाली पहुंचे। हंगामा करते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर एसपी देहात विद्या सागर मिश्र भी कोतवाली पहुंच गए और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह अपनी जिद पर अड़े रहे। उन्होंने साफ कहा कि यदि अभिषेक सिरोही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की जाती है तो वह कोतवाली में ही आत्मदाह कर लेंगे। कई घंटे तक हंगामा चला। इसके बाद एसपी देहात ने उच्चाधिकारियों से वार्ता की और फिर तत्कालीन इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही के खिलाफ हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
दो दिन पहले ही इंस्पेक्टर को दूसरे थाने भेजा था
कुलदीप की मौत के बाद ऑडियो में इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही द्वारा टॉर्चर करना बताया गया था। साथ ही परिवार के लोग भी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद एसएसपी ने इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही को देवबंद कोतवाली से हटाकर कुतुबशेर थाना प्रभारी बना दिया था। उनके स्थान पर कुतुबशेर थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र सिंह को देवबंद कोतवाली प्रभारी नियुक्त कर दिया था।
इंस्पेक्टर पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
मामले में नामजद होने पर इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है क्योंकि हत्या जैसे संगीन आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई है और वह अभी तक कुतुबशेर थाना प्रभारी है। प्रशिक्षु दरोगा कुलदीप ने मृत्यु पूर्व का जो ऑडियो रिकॉर्डिंग बयान पुलिस अधिकारियों को भेजा था तथा अपनी डायरी में सुसाइड नोट लिखा था, उसमें भी इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही द्वारा उत्पीड़न करना बताया है। इसके चलते इंस्पेक्टर अभिषेक सिरोही की गिरफ्तारी तथा मुश्किलें बढ़नी तय हैं।
निष्पक्ष कार्रवाई होगी
रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसकी विवेचना सहारनपुर सीओ (द्वितीय) मुकेश मिश्र को सौंपी गई है। घटना से संबंधित साक्ष्य संकलन करके निष्पक्ष कार्रवाई होगी। -विद्या सागर मिश्र, एसपी देहात सहारनपुर