मेरठ। कड़ी सुरक्षा के बीच शहर में मानो जंगलराज हो गया है। ताबड़तोड़ लूट और हत्याओं का सिलसिला चौथे दिन भी जारी रहा। चार दिन में आठ हत्याएं, लूट की पांच घटनाएं और दर्जन भर लोगोें पर जानलेवा हमले की वारदात हो गईं। सवाल उठता है कि पुलिस के इस कड़े पहरे में भी अपराधी खुली चुनौती दे रहे हैं।
शनिवार को लिसाड़ी गेट में भाई ने ऐलान करके अपनी विवाहित बहन को सरेराह चाकू से गोदकर मारा था। उसी दिन जानी में एक युवक ने युवती की हत्या कर खुद को गोली मारी थी। यह दोनों वारदात हत्या की बताई जा रही हैं। सोमवार को कोतवाली में पुलिस चौकी के पास विवाहिता हिना को उसके भतीजे बबलू ने ऐलान करने के बाद गोलियां बरसाकर मार डाला था। मंगलवार सुबह बदमाशों ने खरखौदा में लूट का विरोध करने पर दंपति वीर सिंह और कैलाशी की हत्या कर दी। शास्त्रीनगर में सरेशाम दानिश की ऐलान के बाद हत्या कर दी।
बुधवार को टीपीनगर में युवक की हत्या कर दी गई। उसका पिता भी चाकू मारकर घायल कर दिया गया। बिजली बंबा बाईपास पर लूट के विरोध में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित राजवंशी के सीने में बदमाशों ने गोली मार दी। लिसाड़ी गेट में दो पक्षों में चाकूबाजी हुई, जिसमें पांच लोग घायल हुए। यूनिवर्सिटी के सामने रिटायर्ड कर्नल की पत्नी से लूटपाट हुई।
इससे पहले सिविल लाइन में इंजीनियर के घर डकैती हो चुकी है तो भावनपुर में आश्रम में डाका डाला गया। शहर में हालत ऐसे समय में हुए, जब कांवड़ यात्रा को लेकर आरएएफ, एसएसबी, आरआरएफ और भारी संख्या में पीएसी व पुलिस बल तैनात है। पुलिस के आला अधिकारी हेलीकॉप्टर से भी निगरानी कर रहे हैं।
खास बातें:
- चार दिन में आठ हत्याएं, लूट की हुईं पांच वारदात
- पुलिस के पहरे में सुरक्षित नहीं लोग, आपराधिक वारदातों से उठ रहे सवाल