मेरठ।
मितन व उसकी बहन सुमन का परिवार प्रशासन के खिलाफ कलक्ट्रेट पर सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठेगा। मितन ने कहा कि घर में भूखे प्यासे मरने से अच्छा है कि कलक्ट्रेट पर जाकर जान दें। ताकि लोगों को पता चले कि प्रशासन ने उनकी कितनी मदद की है। हत्यारोपी लगातार धमकी दे रहे हैं, जिसके चलते उनका घर से बाहर जाना भी मुश्किल हो रहा है।
तीन फरवरी को सरूरपुर के हसनपुर रजापुर निवासी सावित्री की हत्या कर दी गई थी। इसमें सुमित जाट समेत 17 लोग नामजद हुए थे। हत्यारोपियों ने 12 फरवरी को सावित्री के दामाद बबलू की हत्या झुनझुनी सरधना में कर दी। सावित्री की हत्या से मितन व उसके परिवार और बबलू की हत्या से उसकी पत्नी सुमन को और खतरा बन गया। सावित्री के बेटे मितन और सुमन के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। शुक्रवार को मितन ने कहा कि वह और उसकी बहन सुमन का परिवार कलक्ट्रेट में सोमवार से भूख हड़ताल पर बैठेगा। पुलिस ने सुरक्षा में पीएसी लगाई है, लेकिन प्रशासन ने खाने की कोई व्यवस्था नहीं की है। उनके घर का नल तक खराब है।
पीएसी देती है खाना
मितन ने बताया कि कई बार तो घर में आटा तक नहीं होता। सुरक्षा में लगे पीएसी के जवान अपने कैंप से ही उनको खाना देते हैं। कोई जनप्रतिनिधि तक मदद करने के लिए उनके घर तक नहीं पहुंचा। उनके प्रति भी मितन के परिवार में आक्रोश है। बबलू के पांच बेटियां हैं। इसको लेकर परिवार चिंतित है कि आखिर उनका पालन पोषण कैसे होगा।
क्या होगा इस परिवार का
तीन फरवरी से मितन के परिवार की देखरेख पुलिस कर रही है। सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी ने मितन व उसके भाई रवि को लाइसेंसी हथियार भी दे दिये। पुलिस व पीएसी भी लगा रखी है। मितन और उसकी बहन के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। अब तक खाने पीने तक की व्यवस्था मितन के परिवार की पुलिस कर रही है। सवाल उठता है कि आखिर इस परिवार के साथ क्या होगा। मजदूरी तक करने भी नहीं जा सकते। क्योंकि हत्यारोपियों ने उनको धमकी दी कि वह किसी भी सूरत में उनको नहीं छोड़ेंगे।