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आय से अधिक संपति में रिटायर्ड इंस्पेक्टर गिरफ्तार, जेल भेजा

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आय से अधिक संपत्ति में रिटायर्ड इंस्पेक्टर गिरफ्तार
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एंटी करप्शन मेरठ यूनिट ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित आवास से दबोचा
एसएसपी एंटी करप्शन बोले, जांच में 130 प्रतिशत अधिक पाई गई थी संपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
साहिबाबाद/मेरठ। आय से अधिक संपत्ति मामले में 2017 से फरार चल रहे यूपी पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर पूरन सिंह मेहरा को इंदिरापुरम स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन मेरठ यूनिट की टीम ने कोर्ट के आदेश पर यह गिरफ्तारी की है। एंटी करप्शन को जांच में पूरन सिंह की संपत्ति 130 प्रतिशत अधिक मिली थी।
एसएसपी एंटी करप्शन लखनऊ राजीव मल्होत्रा ने बताया कि 2011 में इंस्पेक्टर पूरन सिंह पुत्र बहादुर सिंह की संपत्ति की शिकायत की गई थी। सीओ एंटी करप्शन अमिता मिश्रा के निर्देश पर एंटी करप्शन ने इंदिरापुरम थाने में आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज कराया था। जांच में पाया कि इंस्पेक्टर की संपत्ति करोड़ों में है, जिसे छिपाया गया। एंटी करप्शन टीम में प्रभारी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार, यतेंद्र शर्मा और अशोक शर्मा समेत आठ सदस्य गिरफ्तारी के लिए लगाए गये थे। इंदिरापुरम के गौर ग्रीन सिटी में रिटायर्ड इंस्पेक्टर पूरन सिंह के खिलाफ एक जनवरी को कुर्की का नोटिस चस्पा किया गया था। इसके बाद कोर्ट ने सरेंडर न करने पर संपत्ति कुर्की के आदेश दिए थे। शुक्रवार को मेरठ यूनिट टीम ने उनके घर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पूरन सिंह के खिलाफ इंदिरापुरम थाने में 2011 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में नोएडा निवासी नरेश यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अमेरिका की सैर
जनवरी 2017 में पूरन सिंह मेहरा यूपी पुलिस से रिटायर्ड होने के बाद इंदिरापुरम में गौर ग्रीन सिटी में रह रहे थे। उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे वाद को छिपाकर अपना पासपोर्ट बनवाया और अमेरिका हो आए। इस मामले में भी गाजियाबाद एसएसपी के समक्ष शिकायत की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर पूरन सिंह के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 49 थाने में धमकाने और जान से मारने की धमकी देने का एक मुकदमा दर्ज है। इस केस में गौतमबुद्ध नगर कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू भी जारी किया था।

अच्छे जिलों में रही है तैनाती
एसएसपी एंटी करप्शन राजीव मल्होत्रा के अनुसार पूरन सिंह मूलत: पिथौरागढ़ के बेरीनाल थाना क्षेत्र के मनतौली निवासी हैं। जो यूपी पुलिस में आगरा, मेरठ, कानपुर समेत कई जिलों तैनात रहे हैं। मेरठ में फूड सेल में भी वह इंस्पेक्टर रहे।


छह को जमानत पर होगी सुनवाई
मेरठ। रिटायर्ड इंस्पेक्टर पूरन सिंह मेहरा को स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट पंकज मिश्रा ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी की तरफ से दी गई जमानत अर्जी पर छह फरवरी को सुनवाई होगी। अभियोजन के अनुसार शिकायतकर्ता नरेश यादव निवासी गेल अपार्टमेंट नोएडा ने 21 मई 2009 को एंटी करप्शन मेरठ में शिकायत की थी। खाद प्रकोष्ठ मेरठ में तैनात दरोगा पूरन सिंह मेहरा की संपत्ति आय से कई गुणा अधिक है। उसकी नियुक्ति एक जून 1981 को बतौर दरोगा हुई थी। दरोगा और उनकी पत्नी शकुंतला के नाम जनवरी 1997 तक खूब चल व अचल संपत्ति जमा की गई है। जांच में विभिन्न स्त्रोतों से आय 78 लाख होना पाया गया। जबकि उसने 92 लाख 99 हजार रुपये से चल व अचल संपत्ति खरीदी। जांच अधिकारी निरीक्षक यतेन्द्र शर्मा ने बताया कि अब तक की जांच में 130 गुणा आय से अधिक संपत्ति का ब्यौरा इंस्पेक्टर पूरन सिंह के विरुद्ध आ चुका है। मामले में पूरन सिंह के विरुद्ध अदालत से गैर जमानती वारंट जारी था। लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हो रहे थे।
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रिटायर्ड इंस्पेक्टर बोले, मैं निर्दोष हूं
आरोपी इंस्पेक्टर पूरन सिंह ने अदालत से गुहार लगाई कि मैं निर्दोष हूं। अंतरिम जमानत दिए जाने की भी गुहार लगाई। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी इंस्पेक्टर के परिजनों की संपत्ति की भी जांच हो रही है। इनके परिवार के दो सदस्यों की भी शिकायत हुई है।
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