मेरठ। किनौनी शुगर मिल में सरेआम गुंडागर्दी करने के मुख्य आरोपी भाजपा नेता उमेश गुर्जर ने भी मंगलवार को रोहटा थाने में सेटिंग से सरेंडर कर दिया। जबकि उसके साथी अमित गुर्जर ने अभी सरेंडर होने से इंकार कर दिया। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में उमेश और उसके चालक पंकज को एसीजेएम-10 की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
किनौरी शुगर मिल के ठेकों को लेकर 23 अगस्त को मिल गेट पर फायरिंग, गालीगलौज और मिल के यूनिट हेड केपी सिंह को धमकी देने के मामले में उमेश और अमित समेत नौ आरोपी नामजद हुए थे। मुख्य आरोपी उमेश गुर्जर भाजपा नेता है और जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह का रिश्तेदार है। जिसको लेकर खूब राजनीति हुई। आरोपी उमेश के पक्ष में भाजपा का एक गुट सामने आया तो दूसरा गुट किनौनी मिल की तरफ से खड़ा हो गया। इस बीच उमेश की जाट बिरादरी को लेकर जारी एक ऑडियो सामने से मामला तूल पकड़ गया। पुलिस किसी भी आरोपी को सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकी। वहीं, लखनऊ से भाजपाइयों को फटकार लगी तो कई नेताओं ने उमेश से किनारा कर लिया। शासन से आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।
चौतरफा दबाव पड़ने और सभी आरोपियों के कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होते ही सोमवार रात उमेश के चालक पंकज निवासी जिटौला रोहटा ने थाने पर सेेटिंग से सरेंडर किया था। जबकि उमेश और अमित की तरफ से भी मंगलवार को खुद थाने पहुंचने की बात कही गई थी। सुबह उमेश तो थाने पहुंच गया। लेकिन अमित ने अभी सरेंडर करने से इंकार कर दिया।
उमेश पर था हमले का अंदेशा
पुलिस ने बताया कि उमेश और उसके साथियों द्वारा जाट बिरादरी पर की गई टिप्पणी को लेकर अंदेशा था कि कचहरी में उमेश पर हमला हो सकता है। जिसके चलते सीओ दौराला विजय प्रकाश, सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी, सिविल लाइन थाना पुलिस और रोहटा पुलिस के साथ उमेश और पंकज को कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि जाट बिरादरी से कोर्ट में कोई नहीं पहुंचा।
हम भी सौंप देंगे अमित को
आरोपी उमेश को कोर्ट में पेश करने के दौरान नामजद अमित का भाई भी मौजूद था। एक इंस्पेक्टर ने अमित के भाई को पहचान लिया। इंस्पेक्टर ने उससे पूछा कि अमित को भी दे दो। जिस पर वह बोला कि एक या दो दिन में अमित को सरेंडर करा देंगे। रोहटा पुलिस से हमारी बातचीत हो गई है।