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गोशाला प्रकरण: प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल को 57 दिन बाद जमानत, इन आरोपों में भेजा गया था जेल

Thu, 18 Sep 2025 12:32 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा के मामले में 22 जुलाई 2025 को प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल को जेल भेजा गया था। उन्हें गबन का भी आरोपी बनाया गया था। 
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा प्रकरण में जेल गए प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह को 57 दिन बाद बुधवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। इस मामले में नामजद गोशाला के केयर टेकर भारत को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर सकी। डॉ. हरपाल पर पशु क्रुरता और सरकारी संपत्ति का गबन करने का आरोप निगम ने लगाया था।

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गोशाला में गोवंश भूखे मरने की शिकायतों पर डीएम डॉ. वीके सिंह ने 12 जुलाई को एडीएम सिटी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच कराई, जहां पर खामियां मिलीं। मामला शासन तक पहुंचा तो नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने भी अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और मुख्य लेखा नगर परीक्षक अमित भार्गव से जांच कराई है। 
ये मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। उसके बाद सरकारी संपत्ति और गोवंशों की दुर्दशा होने का आरोप लगाकर निगम ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह और गोशाला के केयर टेकर भारत कुमार पर 21 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज कराया दिया। 
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सिविल लाइन थाना पुलिस ने रात में ही डॉ. हरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन थाना पुलिस ने डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया, तभी से डॉक्टर जेल में निरुद्ध है। बताया गया है कि बुधवार को डॉक्टर को कोर्ट से जमानत मिल गई है।

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