गोशाला में गोवंश भूखे मरने की शिकायतों पर डीएम डॉ. वीके सिंह ने 12 जुलाई को एडीएम सिटी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर जांच कराई, जहां पर खामियां मिलीं। मामला शासन तक पहुंचा तो नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने भी अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी और मुख्य लेखा नगर परीक्षक अमित भार्गव से जांच कराई है।
ये मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। उसके बाद सरकारी संपत्ति और गोवंशों की दुर्दशा होने का आरोप लगाकर निगम ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह और गोशाला के केयर टेकर भारत कुमार पर 21 जुलाई 2025 को मुकदमा दर्ज कराया दिया।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने रात में ही डॉ. हरपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन थाना पुलिस ने डॉक्टर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया, तभी से डॉक्टर जेल में निरुद्ध है। बताया गया है कि बुधवार को डॉक्टर को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
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