उधर, बिजनौर जिले में आज कुल 16 लोगों की रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है। जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 655 है जबकि एक्टिव पाॅजिटिव केस 142 है। अब तक 505 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं संक्रमण से अब तक आठ लोगों की मौत हुई है।
बागपत जिले में सोमवार को 11 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। 11 पॉजिटिव आने के बाद जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 851 हो गई है। जिले में अब तक 11 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया कि सोमवार को 11 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।
जिले में अब संक्रमितों की संख्या 581 हो गई है तथा 11 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। कोरोना की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना पॉजिटिव मिले मरीजों की गलियों में सैनिटाइजर का छिड़काव कराकर गलियों को सील कर दिया है तथा लोगों को घरों में रहकर मॉस्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ की बात करें तो सोमवार को जिले में कोरोना के 36 संक्रमित मिले हैं। इससे पहले रविवार को कोरोना वायरस के 27 और लोग संक्रमित मिले थे। संक्रमितों में एक 11 माह के बच्चा है। इसके अलावा एक सेना का जवान, चार बंदी, रेलवे कर एक ट्रेनी, आठ गृहणियां और स्टूडेंट भी संक्रमण की चपेट में आए हैं। स्वस्थ होने पर 64 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया।
भले ही शासन और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में समन्वय न बन पा रहा हो। लेकिन मेरठ में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या शासन के हिसाब से 100 के पार पहुंच गई है। हालांकि स्थानीय स्वास्थ्य विभाग इसे शुक्रवार तक 86 ही बता रहा था। यही फर्क कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में भी है। शुक्रवार तक शासन और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में 18 लोगों की मौत और 77 मरीजों का फर्क चल रहा था।
मौत में प्रदेश में दूसरा नंबर
प्रदेश में कोरोना से मौत में मेरठ दूसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर कानपुर नगर (159) और तीसरे पर आगरा (99) है। पिछले सप्ताह तक मौत में मेरठ आगरा से नीचे तीसरे नंबर पर था। यह बढ़ोतरी दुखद है।
मरीजों में पांचवां नंबर
संक्रमित मरीजों की संख्या में मेरठ प्रदेश में 5वें नंबर पर है। उससे ऊपर गौतमबुद्धनगर 4554, कानपुर नगर 3344, लखनऊ 5422 और गाजियाबाद 4441है।
लगातार उठ रहे सवाल
आंकड़ों की इस बाजीगरी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह अंतर लगातार चला आ रहा है, जिसमें सुधार नहीं हो रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि अब अगर पोर्टल पर गलत आंकड़े डाले तो प्राचार्य और अधीक्षक जिम्मेदार होंगे। लेकिन उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ।