मुजफ्फरनगर में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सह अभियुक्तों सास, ससुर और ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला रामपुरी निवासी चंद्रभान पुत्र रामस्वरूप ने 29 जून 2011 को छपार थाने पर अपनी बेटी अनीता की दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी अनीता का विवाह 18 अप्रैल 2006 को सतेंद्र पुत्र धर्मपाल निवासी कासमपुर पठेड़ी थाना छपार के साथ हुआ था। बताया कि अनीता के ससुराल वाले दहेज से संतुष्ट नहीं थे और उसे प्रताड़ित करते थे।
इसके लिए दो बार सुलह भी करायी गई, मगर अनीता का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ। 28 जून 2011 को उसकी मारपीट कर हत्या कर दी गई। इस हत्या के लिए अनीता का पति सतेंद्र, ससुर धर्मपाल, सास शकुंतला, ननद नीटो को आरोपी बनाया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बलराज सिंह की अदालत फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या- 2 में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी फिरोज अली और प्राईवेट कौंसिल नरेंद्र कुमार शर्मा ने मुकदमा सिद्ध करने को कोर्ट में नौ गवाह और सबूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए अनीता के पति सतेंद्र को दोषी करार दिया। कोर्ट ने सतेंद्र को धारा 498 ए के तहत दो वर्ष का कारावास व एक हजार रुपया जुर्माना, धारा 304 बी के तहत उम्र कैद और दहेज एक्ट के तहत एक वर्ष का कारावास व एक हजार का जुर्माना की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त ससुर धर्मपाल, सास शकुंतला और ननद नीटो को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।
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