करीब 270 मीटर सड़क बनकर तैयार हो गई। निर्माण करने वाली कंपनी पीपी रियलकॉन को 50 लाख रुपये भी दे दिए गए। अब 50 लाख की ही दूसरी किस्त देने की तैयारी थी। बुधवार को फर्जीवाड़े का ये मामला नगरायुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा के सामने पहुंच गया।
अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि मामला अधिशासी अभियंता विकास कुरील और पूर्व सहायक अभियंता नानक चंद से जुड़ा है। उन्होंने ही बजट प्रस्ताव तैयार किया था। नगरायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।
सहायक और अवर अभियंता हैं जिम्मेदार : विकास कुरील
नगर निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक सीसी रोड के इस बजट प्रस्ताव में गड़बड़ी के लिए सहायक अभियंता नानक चंद और अवर अभियंता राजेन्द्र कुमार जिम्मेदार हैं। डीएम के स्तर से प्रस्ताव की जांच पीडब्लूडी के इंजीनियरों कराई गई थी। इसलिए पीडब्लूडी इंजीनियरों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। करीब 50 लाख का भुगतान ठेकेदार को हो चुका है और 50 लाख के भुगतान की फाइलें तैयार की गई हैं।
जितना निर्माण उतना ही देंगे पैसा
प्रस्ताव और टेंडर में 600 मीटर सड़क दर्शाई गई है। प्रस्ताव तैयार करने वालों ने अनियमितता की है। हम उतना ही भुगतान करेंगे, जितनी मौके पर सड़क बनी है। - यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम
सख्त कार्रवाई कराएंगे
मेरे संज्ञान में ये प्रकरण नहीं था। अगर ऐसा हुआ है तो सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। -सुनीता वर्मा, मेयर