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भ्रष्टाचार: सड़क 300 मीटर लंबी ठेका छोड़ा 600 का, बनी 250 मीटर, 15वें वित्त से मिले पैसे में गोलमाल

Thu, 08 Sep 2022 12:34 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में अफसरों को गुमराह कर एक करोड़ के कार्य का 2.9 करोड़ में टेंडर जारी किया गया। 15वें वित्त से मिले पैसे में गोलमाल करके सड़क निर्माण करने वाली कंपनी पीपी रियलकॉन को 50 लाख रुपये भी दे दिए गए। अब 50 लाख की ही दूसरी किस्त देने की तैयारी थी। लेकिन भ्रष्टाचार की पोल खुल गई।
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टीपीनगर में रोड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ नगर निगम के इंजीनियर जमीन पर ही नहीं, बल्कि हवा में भी सड़क बना सकते हैं। टीपीनगर की गुप्ता काॅलोनी में नवीन सब्जी मंडी के गेट नंबर दो से जेके टायर तक 300 मीटर लंबी सड़क को 600 मीटर बताकर टेंडर छोड़ दिया गया। करीब 50 लाख के पहले भुगतान की किस्त भी जारी हो गई। नगरायुक्त ने कार्याें का सत्यापन कराया तो उन्हें भी गुमराह कर दिया गया। अब लोगों की शिकायत पर मामला खुला है।

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नवीन सब्जी मंडी के गेट नंबर दो को जोड़ने वाली गुप्ता कालोनी की करीब 300 मीटर लंबी जर्जर सड़क को जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर बनाने के निर्देश दिए थे। आननफानन 15वें वित्त आयोग के तहत मिले पैसे से सड़क 600 मीटर लंबी दर्शाकर 2.9 करोड़ रुपये मंजूर भी करा लिए गए। गलत तथ्यों के आधार पर डीएम, महापौर और नगरायुक्त से भी स्वीकृति ले ली गई।

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करीब 270 मीटर सड़क बनकर तैयार हो गई। निर्माण करने वाली कंपनी पीपी रियलकॉन को 50 लाख रुपये भी दे दिए गए। अब 50 लाख की ही दूसरी किस्त देने की तैयारी थी। बुधवार को फर्जीवाड़े का ये मामला नगरायुक्त डॉ. अमितपाल शर्मा के सामने पहुंच गया।

अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि मामला अधिशासी अभियंता विकास कुरील और पूर्व सहायक अभियंता नानक चंद से जुड़ा है। उन्होंने ही बजट प्रस्ताव तैयार किया था। नगरायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है।

सहायक और अवर अभियंता हैं जिम्मेदार : विकास कुरील
नगर निगम के अधिशासी अभियंता विकास कुरील ने कहा कि शासनादेश के मुताबिक सीसी रोड के इस बजट प्रस्ताव में गड़बड़ी के लिए सहायक अभियंता नानक चंद और अवर अभियंता राजेन्द्र कुमार जिम्मेदार हैं। डीएम के स्तर से प्रस्ताव की जांच पीडब्लूडी के इंजीनियरों कराई गई थी। इसलिए पीडब्लूडी इंजीनियरों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। निर्माण पर एक करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। करीब 50 लाख का भुगतान ठेकेदार को हो चुका  है और 50 लाख के भुगतान की फाइलें तैयार की गई हैं।

जितना निर्माण उतना ही देंगे पैसा
 प्रस्ताव और टेंडर में 600 मीटर सड़क दर्शाई गई है। प्रस्ताव तैयार करने वालों ने अनियमितता की है। हम उतना ही भुगतान करेंगे, जितनी मौके पर सड़क बनी है। - यशवंत कुमार, चीफ इंजीनियर नगर निगम

सख्त कार्रवाई कराएंगे
मेरे संज्ञान में ये प्रकरण नहीं था। अगर ऐसा हुआ है तो सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। -सुनीता  वर्मा, मेयर
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