जनता के लिए ये दिए गए दिशा निर्देश
- दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए सुबह 6 से 9 बजे तक समय का निर्धारण किया गया है।
- भीड़ के रूप में न जाते हुए मोहल्लों में दुकानों पर खरीदारी के लिए जाएं।
- दूध, फल, सब्जियां, अनाज, गैस, पैट्रोल, दवा आदि के वितरण में प्रयोग किये जा रहे वाहनों के लिए कोई पास जारी नहीं किए गए हैं, इनको लॉक-डाउन से मुक्त रखा गया है।
- ऐसे व्यक्ति जो दूसरे राज्य से होकर जनपद सीमा में होकर जाते हैं, ड्यूटी पर तैनात पुलिस उन्हें अनावश्यक परेशान न किया जाए।
- वाहनों के अन्य राज्यों में प्रवेश के लिए वाहन पास जरूरत के आधार पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), नगर मजिस्ट्रेट सहारनपुर व संबंधित एसडीएम की ओर से ही जारी किए जाएंगे।
- लॉक-डाउन से दवा विक्रेताओं को मुक्त रखा गया है, मगर जहां पर मेडिकल स्टोर की संख्या अधिक है वहां ज्यादा भीड़ न हो।
- अस्पतालों पर आने-जाने वाले मरीजों के वाहनों को विवेकानुसार कार्यवाही करते हुए न रोका जाए।
- दैनिक वेतनभोगियों,ठेले वालो, दिहाडी मजदूर आदि को ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव, लेखपाल, पार्षद, ग्राम प्रधान के माध्यम से चिन्हित करा लिया जाए
- ऐसे सक्षम व्यक्तियों को भी चिन्हित करा लिया जाए, जो इन व्यक्तियों के रोजगार प्रभावित होने सहायता संसाधन उपलब्ध करा सके।
- पुलिस लाइन, थाना परिसरों से लेकर सार्वजनिक श्थालों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
- पुलिस लाइन और थानों की कैंटीन में काम करने वाले कर्मचारियों को संक्रमण के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। इन स्थानों पर सेनेटाइजर, मास्क और हाथ धोने की व्यवस्था सुनिष्चित की जाए।
- ड्यूटी में लगे अधिकारी और कर्मचारी मास्क, ग्लब्स एवं सेनेटाइजर रखेंगे।
- बेवजह घूमने वाले और व्यवस्था प्रभावित करने वालों के चालान किए जाएं।
आयुक्त सहारनपुर मंडल का कहना है कि आज सुबह शामली के कैराना से पहला कोरोनावायरस पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई। सहारनपुर मंडल में यह पहला मामला है। लोगों से अनुरोध है कि वे घरों के अंदर ही रहें और जिला प्रशासन के आदेशों का पालन करें, अन्यथा प्रशासन बहुत सख्त होगा और चूककर्ताओं पर भारी पड़ेगा।
बहुत जरूरी स्वास्थ्य समस्याओं को छोड़कर ऐसे लॉकडाउन परिदृश्य में बाहर जाने का कोई कारण नहीं हो सकता है। सुबह 9 बजे के बाद सभी को पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करना चाहिए अन्यथा पुलिस कार्रवाई का परिणाम भुगतना होगा। साथ में हम कोरोनोवायरस की लड़ाई लड़ सकते हैं। एक जिम्मेदार नागरिक बनें।
कोरोना वायरस से चल रही लड़ाई को देखते हुए शामली में पाॅजीटिव केस मिलने के बाद मुजफ्फरनगर का प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पुलिस ने बाजार में उतरकर दुकानों को बन्द करने का ऐलान किया। आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को ही खुला रखने की छूट दी गई है। पुलिस ने बाजारो में भ्रमण करते हुए लोगो से अपने अपने घरों में पहुंचने की अपील की है।
पुलिस के एलान के बाद शहर के बाजारों में अफरातफरी का आलम बन गया। लोगों ने अपनी दुकानो को बन्द करना शुरू किया और कुछ ही देर में बाजार में दुकानों के शटर गिरे हुए नजर आये। सड़कों पर लग रहे ठेलों को भी पुलिस ने हटा दिया है। अभी मुजफ्फरनगर को लाॅकडाउन नहीं किया गया है।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि सतर्कता के चलते बाजार में अनावश्यक दुकानों को बन्द कराया गया है। भीड़भाड़ को हटवाया जा रहा है। अभी मुजफ्फरनगर लाॅकडाउन के कोई आदेश नहीं है, लेकिन इस लड़ाई में सोशल डिस्टेंस जरूरी है। शहर में सेक्टर व्यवस्था लागू कर दी गई है। उधर, जिले की सीमाओं को सील कर दिया है। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया की इमरजेंसी के अलावा किसी को भी जनपद में आने नहीं दिया जाएगा।
उधर, बिजनौर जिले में सोमवार रात्रि राजस्थान से गंज इलामे में अपने परिचित के यहां ठहरे लगभग एक दर्जन के करीब लोगों को पुलिस ने जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया । वहीं पुलिस ने जिले की सीमाओं को सील कर दिया है।
मुरादाबाद व अमरोहा रोड पर बैरियर लगाकर वाहनों की एंट्री रोक दी गई है। गंज बिजनौर मार्ग पर एंट्री पर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इससे इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं हैं। मंडावर और चंदक पीएचसी पर ओपीडी सेवाएं बंद कर दी गई हैं। केवल आपातकाल सेवाएं खुली रहेंगी।