आप घर पर रहकर अपना ख्याल रखिए, हम कोरोना के मरीजों का इलाज कर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कोरोना को हराना है तो सबको अपनी- अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। यह कहना है पांचली खुर्द सीएचसी पर सात दिन तक जान जोखिम में डालकर कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले चिकित्सकों और स्टाफ का।
नियमानुसार बृहस्पतिवार को चिकित्सकों, स्टाफ और कर्मचारियों समेत 22 लोगों को परिवार से दूर 14 दिन के लिए एक होटल में क्वारंटीन कर दिया गया है। चिकित्सकों और स्टाफ के हौसले बुलंद हैं और वे जोश से भरे हुए हैं। 14 दिन के बाद उन्हें फिर से कोरोना के मरीजों के इलाज में जुटना होगा। पांचली खुर्द सीएचसी पर बने कोविड-19 वार्ड के प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और सुभारती के अलावा पांचली खुर्द सीएचसी को भी कोविड-19 में तब्दील किया गया है। यहां की टीम का एक सप्ताह पूरा हो गया है।
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बृहस्पतिवार को इनके सैंपलों की जांच कर इन्हें क्वारंटीन में भेज दिया गया। अब 14 दिन बाद इनकी जांच कराई जाएगी। इस दौरान यह बेहतर खानपान और योग आदि करके अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेंगे। चिकित्सकों और स्टाफ का कहना है कि कोरोना मरीजों का इलाज करना बड़ी और खास जिम्मेदारी थी। अब दूसरी टीम ने इन मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। सात दिन बाद यह टीम भी क्वारंटीन हो जाएगी। इसी तरह रोस्टर बना हुआ है। कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाली पांचली खुर्द में यह पहली टीम है, जबकि मेडिकल कॉलेज की दो टीमों का क्वारंटीन समय चल रहा है।
ये चिकित्सक और स्टाफ किया गया क्वारंटीन
डॉ. अतुल कुमार, डॉ. अमित रंजन, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. विशाल अग्रवाल, डॉ. प्रताप सिंह खोखर, डॉ. नवनीत यादव, स्टाफ नर्स अनीता, सविता, कविता, अनीता, प्रियंका, कोमल, फार्मासिस्ट प्रवीण कुमार, अश्वनी कुमार और कर्मचारियों में राजवीर गौतम, प्रेम सिंह, विजय, गुरबचन सिंह, राहुल दीपक, संदीप कुमार और गिरीश कुमार व एक अन्य हैं।
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