शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज से कोरोना पीड़ित दो मृतकों के शवों को सूरजकुंड ले जाया गया। दोनों ही शव सादे कफन में एंबुलेंस से शवदाह गृह ले जाए गए। इस बीच परिजनों ने भारी मन से ज्यादातर व्यवस्थाओं को खुद ही पूरा किया।
सादे कपड़े में लपेटे जा रहे पॉजिटिव शव
शवदाह गृह ले जाने के लिए कोरोना पॉजिटिव के शव को ट्रिपल लेयर बैग में रखने की व्यवस्था है। इसके बाद भी दोनों शवों को सामान्य कपड़े में लपेटकर परिजनों के हवाले कर दिया गया। वहां मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना पॉजिटिव की मौत के बाद शव से संक्रमण का खतरा नहीं होता है। अब शव को सादे कपड़े में लपेटकर मोर्चरी भेजा जा रहा है।
सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार का विरोध
कोरोना पॉजिटिव शवों के सही ढंग से अंतिम संस्कार न किए जाने को लेकर नेहरूनगर, फूलबाग कॉलोनी के लोगों ने डीएम को पत्र भेजकर गढ़ मुक्तेश्वर में कोरोना पॉजिटिव मृतकों का अंतिम संस्कार कराने की मांग की है। पूर्व पार्षद अनिल शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन और गंगा मोटर कमेटी शमशान घाट में व्यवस्था नहीं बनवा पा रही है। ऐसे में क्षेत्र में कोरोना फैलने का खतरा बढ़ गया है।
पॉजिटिव के शव को अच्छी से पैक करके ही अंतिम संस्कार के लिए दिया जाता है। अंतिम संस्कार करने वालों को भी पीपीई किट पहननी होती है। किसी मामले में लापरवाही हुई है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजकुमार, सीएमओ
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/