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मेरठ में हालात चिंताजनक: ब्लैक फंगस के 24 और नए मरीज मिले, एक की मौत, पढ़िए पूरा अपडेट

Wed, 19 May 2021 03:14 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में जहां कोरोना के मामले कम हो रहे हैं तो वहीं ब्लैक फंगस के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। फिर से ब्लैक फंगस से पीड़ित एक मरीज की मौत हो गई है। मेरठ में चिंताजनक हालात है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
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मरीज की आंख पर सूजन। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ जिले में ब्लैक फंगस (म्यूकोर माइकोसिस) से संक्रमित मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को 24 और मरीजों का पता चला है। इस बीच लोकप्रिय अस्पताल में फलावदा थाना क्षेत्र के रहने वाले ब्लैक फंगस के एक और संदिग्ध मरीज की मौत भी हो गई। अब तक जिले में भर्ती इन मरीजों की संख्या 52 पहुंच गई हैं। 

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इस गंभीर रोग की चपेट में आए आठ मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज, पांच का आनंद अस्पताल, दो का लोकप्रिय, चार का निजी अस्पतालों के यहां और अन्य अस्पतालों में चल रहा है। यह मरीज मेरठ के अलावा हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, गाजियाबाद, शामली और मुरादनगर आदि के रहने वाले हैं। इनमें से कुछ मरीजों को कोरोना संक्रमण भी हैं। डॉ. पुनीत भार्गव ने बताया कि उनके क्लीनिक पर चार मरीजों का इलाज चल रहा है।

इलाज के लिए मेडिकल को 66 इंजेक्शन मिले
लगातार मिल रहे मरीजों के बाद ब्लैक फंगस के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज को 66 इंजेक्शन मिले हैं। इनका नाम एंफोटेरिसन-बी 50 एमजी है। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति के वजन के हिसाब से इसकी डोज दी जाती है। अभी तक यहां इंजेक्शन नहीं थे।
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बाजार में दवाएं भी उपलब्ध नहीं
बाजार में ब्लैक फंगस की दवाइयां भी कम हैं। महंगी होने के कारण कुछ ही दवा व्यापारियों के पास ही यह मिल रही हैं। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने एडिशनल ड्रग कंट्रोलर वीरेंद्र कुमार और औषधि निरीक्षक से दवाएं उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

इंजेक्शन का नियंत्रण अपने हाथ में ले प्रशासन
ब्लैक फंगस की चपेट में आए मरीजों के तीमारदारों की परेशानी के मद्देनजर मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इसके इंजेक्शन की बिक्री का नियंत्रण प्रशासन अपने हाथ में ले। एसोसिएशन महामंत्री घनश्याम मित्तल ने बताया कि जो इंजेक्शन बाजार में है ही नहीं, तीमारदार उसके लिए मिन्नतें कर रहे हैं। ऐसे में कंपनी से जो स्टॉक आए, प्रशासन उसकी पूरी निगरानी करें।

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