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सावधान: महाराष्ट्र-गुजरात के बाद मेरठ भी पहुंचा 'ब्लैक फंगस', न्यूटिमा में मिले तीन मरीज, ये हैं लक्षण

Tue, 11 May 2021 07:26 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। यह संक्रमण महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ जिलों के बाद मेरठ में भी देखने को मिला है। न्यूटिमा अस्पताल में तीन ऐसे मरीज भर्ती हैं जिन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई है।
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मरीज की आंख पर सूजन। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस संक्रमण का खतरा भी घेर रहा है। यह संक्रमण महाराष्ट्र-गुजरात के कुछ जिलों के बाद मेरठ में भी देखने को मिला है। न्यूटिमा अस्पताल में तीन ऐसे मरीज भर्ती हैं जिन्हें ब्लैक फंगस की बीमारी हो गई है। इनमें एक मरीज मंगलवार को मिला है, जबकि दो मरीज सोमवार को मिले थे। इनमें तीनों कोविड पेशेंट हैं।

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बताया गया कि मंगलवार को एक मरीज के परिवार वाले अस्पताल से रेफर कराकर ले गए हैं। अभी दो मरीज भर्ती हैं। दोनों मरीजों की हालत गंभीर हैं। इन दोनों का इलाज चल रहा है। जो तीन मरीज मिले हैं उनमें दो मरीज बिजनौर के रहने वाले हैं, जबकि एक मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।

न्यूटिमा अस्पताल के एमडी और वरिष्ठ किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि तीनों मरीज म्यूकर माइकोसिस (ब्लैक फंगस या काली फफूंद) से पीड़ित हैं, जिनका डॉक्टर ब्लैक फंगस के लिए इलाज कर रहे हैं। कोविड की पहली लहर के दौरान ऐसे मरीजों की संख्या देश में बहुत कम थी। देश में महाराष्ट्र और गुजरात में खास तौर पर म्यूकर माइकोसिस के मामले बढ़ रहे हैं। 
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कोविड का इलाज करने के दौरान स्ट्राइड के ज्यादा इस्तेमाल से और शुगर बढ़ने के कारण आंख में बहुत ज्यादा सूजन आ जाती है यह इसका मुख्य लक्षण है। मरीजों की एक-एक आंख बुरी तरह से सूजी हुई है। 

क्या है ब्लैक फंगस
ब्लैक फंगस या म्यूकर माइकोसिस फंगस की वजह से होने वाला दुर्लभ संक्रमण है। इंसान की नाक और बलगम में भी ये पाया जाता है। इससे साइनस, दिमाग, फेफड़े प्रभावित होते हैं। ये डायबिटीज के मरीजों या कम इम्युनिटी वाले लोगों, कैंसर या एड्स के मरीजों के लिए घातक भी हो सकता है। ब्लैक फंगस में मृत्यु दर 50 से 60 प्रतिशत तक होती है। 

ये हैं लक्षण
बीमारी में मरीज की नाक का बहना, चेहरे का सूजना, आंखों के पीछे वाले हिस्से में दर्द, खासी, मुंह के न भरने वाले छाले, दातों का हिलना और मसूड़ों में पस पड़ना आदि लक्षण दिखते हैं। ब्लैक फंगस को अक्सर कोविड के इलाज के दौरान दी गई दवाओं का साइड इफेक्ट माना जाता है।
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