नौचंदी मैदान स्थित कब्रिस्तान में जनाजे दफनाते लोग। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
मेरठ में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण हो रही मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। कब्रिस्तानों में शवों को दफनाने का संकट खड़ा हो गया है। कब्रों के लिए मिट्टी कम पड़ने लगी है। शहर विधायक रफीक अंसारी ने मिट्टी के इंतजाम के लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने इस बाबत जिलाधिकारी के. बालाजी को पत्र लिखा है।
प्रमुख कब्रिस्तानों में पहले रोजाना दो से चार जनाजे ही आते थे। यह आंकड़ा अब रोजाना 15 के करीब पहुंच गया है। जिससे उन स्थानों पर मिट्टी भराव की अधिक आवश्यकता हो गई है। विधायक का कहना है कि मिट्टी भराव जल्द नहीं किया गया तो जनाजों को दफनाने में समस्या होने लगेगी।
इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने समय रहते जिलाधिकारी को अवगत कराया है। उन्होंने अधिक प्रभावित पांच कब्रिस्तानों की सूची भी जिलाधिकारी को सौंपी है। हजरत बाले मियां कब्रिस्तान, राजपूताना कब्रिस्तान, अंसारियान कब्रिस्तान अहमद नगर, लबेदरिया कब्रिस्तान, फतेहउल्लापुर टंकी के पीछे मलिक समाज कब्रिस्तान शामिल हैं। इन्हीं स्थानों पर मिट्टी भराव की सबसे अधिक जरूरत है। रफीक अंसारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र में ऑक्सीजन के लिए भी 25 लाख रुपये देने के लिए डीएम को पत्र लिखा है।
विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों को मिली 15 करोड़ की राशि
कोरोना काल में प्रदेश सरकार ने लोगों को राहत देने और जिलों में व्यवस्था को सुधारने के लिए विधायकों और विधानपरिषद सदस्यों को 15 करोड़ धनराशि का आवंटन किया है। वह शहर में मेडिकल व्यवस्था सुधारने के लिए खर्च कर सकेंगे। किसी एक कार्य के लिए तय 25 लाख रुपये से अधिक भी खर्च कर पाएंगे। जिले में सात विधायक हैं इन्हें एक करोड़ 50 लाख की धनराशि खर्च करने की सीमा है। वहीं राज्य सरकार की ओर से विधायक निधि को जारी कर दिया गया है। लेकिन अभी तक सांसद निधि नहीं जारी हुई है।