मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगा दिल का इलाज
मेरठ। कोरोना की रफ्तार अगर इसी तरह से कम होती रही तो मेडिकल कॉलेज में जल्द ही दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब शुरू हो सकती है। कोविड ब्लॉक प्रभारी ने कैथ लैब को फिर शुरू करने के लिए सहमति दे दी है। महामारी के कारण मेडिकल कॉलेज में 10 दिन बाद ही कैथ लैब को बंद कर दिया गया था।
कोविड ब्लॉक और कैथ लैब एक ही बिल्डिंग में हैं, जिस कारण मेडिकल प्रबंधन कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था। हालांकि दोनों के रास्ते अलग कर दिए गए थे, लेकिन जिस रफ्तार से मरीज बढ़ रहे थे तो मेडिकल प्रबंधन खतरा मान रहा था।
25 मार्च 2021 को एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में दिल के मरीजों के लिए कैथ लैब की शुरुआत की गई थी। 150 करोड़ की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कैथ लैब को पिछले साल शुरू हो जाना था, लेकिन कोरोना के कारण यह अटक गया था। इसे लेकर प्राचार्य ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को पत्र लिखा था कि सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग में इसे शुरू करने की इजाजत दी जाए। तब अनुमति मिल गई थी, बाद में लैब को बंद करना पड़ा था। अब फिर से इसे शुरू करने की तैयारी है।
यहां मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जा सकती है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए यहां एंजियोग्राफी निशुल्क है, जबकि सामान्य मरीजों के लिए 4200 रुपये हैं, जबकि निजी कैथ लैब में करीब 14 हजार रुपये लगते हैं। एंजियोप्लास्टी की रेट अभी तय नहीं किए गए हैं।
कोरोना के मरीजों की घटती तादाद के कारण कैथ लैब को फिर शुरू किया जा सकता है। अब कोरोना के इक्का दुक्का मरीज ही भर्ती हो रहे हैं। प्रबंधन को यह सुझाव दिया है कि अब कोरोना कम होने पर इसे शुरू किया जा सकता है। - डॉ. धीरज राज, प्रभारी, कोविड ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज