अंतरराज्यीय बसों के संचालन को हरी झंडी का इंतजार
मेरठ। कोरोना महामारी के कारण बंद की गई अंतरराज्यीय रोडवेज बस सेवा के लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। सेवा बंद होने के कारण यात्रियों को राज्यों के सीमावर्ती शहरों में उतार दिया जाता है, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
कोविड 19 संक्रमण की तेज रफ्तार होने के चलते अंतरराज्यीय रोडवेज बस सेवा को बंद कर दिया गया था। मुख्यालय ने पिछले दिनों प्रदेश के सभी आरएम ऑफिस से बसों की संख्या और राज्यों के बीच संचालन रूट चार्ट की जानकारी ली थी। जिससे बस सेवा दोबारा शुरू करने के लिए 21 जून को निर्णय लिए जाने की संभावना थी। लेकिन सोमवार को कोई फैसला नहीं हो सका। मेरठ रोडवेज रीजन के आरएम केके शर्मा ने बताया कि बस सेवा संचालन का निर्णय शासन स्तर से होना है। अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है।
मेरठ से 200 से ज्यादा बसों का आवागमन
मेरठ रोडवेज रीजन की 200 से ज्यादा बसों का अंतरराज्यीय संचालन होता है। सबसे ज्यादा बसें दिल्ली जाती है। उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान के लिए बसें हैं। सेवा बंद होने से यात्रियों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। दिल्ली जाने वालों को कौशांबी डिपो पर उतारा जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड जाने वालों को भी बॉर्डर पर उतार दिया जाता है।