मेरठ। कोरोना संक्रमण का असर रजिस्ट्री विभाग पर सबसे ज्यादा पड़ा है। मार्च में कोरोना संक्रमण के बाद संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पूरी तरह से बंद हो गई थी। अनलॉक के बाद रजिस्ट्री ऑफिस के जरिए धीरे-धीरे ही सही, सरकारी खजाना भरने लगा है।
अप्रैल, 2019 से जुलाई 2019 तक मेरठ के छह उपनिबंधन विभाग ने कुल लक्ष्य 22,971 लाख रुपये के सापेक्ष16,607.44 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया था। यह 72.29 प्रतिशत है। 2020 में रजिस्ट्री विभाग को 27,841 लाख रुपये का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 7651.04 की प्राप्ति हुई थी। यह लक्ष्य का 27.48 प्रतिशत है। इस तरह रजिस्ट्री विभाग 53.93 प्रतिशत का नुकसान रहा।
----
लक्ष्य से पीछे, तुलनात्मक प्रदर्शन बेहतर
रजिस्ट्री विभाग को शासन से हर वर्ष बढ़ा हुआ लक्ष्य मिलता है। इस लक्ष्य को अगर छोड़ दें और कुल वसूली पर ध्यान दें तो 2019 की तुलना में 2020 में अगस्त से दिसंबर के बीच रजिस्ट्री विभाग ने ज्यादा राजस्व की वसूली की। अगस्त से दिसंबर 2019 के बीच रजिस्ट्री विभाग को कुल 25,458 लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष विभाग ने 20,476.10 लाख रुपये की आमदनी जुटाई। अगस्त, 20 से दिसंबर, 20 के बीच विभाग को 30,855 लाख रुपये का लक्ष्य मिला था लेकिन विभाग ने 24,352.96 लाख रुपये की वसूली की।
अगस्त, 20 से दिसंबर, 20 के बीच जो रजिस्ट्री विभाग को राजस्व वसूली हुई, वह गत वर्ष की तुलना में 18.93 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि अप्रैल 2019 से दिसंबर 2019 और अप्रैल, 20 से दिसंबर, 20 की तुलना करें तो रजिस्ट्री विभाग घाटे में रहा है। 2019 में इन माह की वसूली जहां 37,083.54 लाख रही तो 2020 में यह वसूली 32,004.01 लाख ही हो सकी। इस तरह रजिस्ट्री विभाग 13.69 प्रतिशत से पिछड़ गया।