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कोरोना ने बढ़ाया घर का बजट

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कोरोना ने बढ़ाया घर का बजट
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मेरठ। कोरोना संक्रमण के बीच हुए लॉकडाउन में घर का बजट भी बढ़ गया है। घर, कारखाने, दुकान हो या आफिस सभी के मासिक खर्चे में अब सैनिटाइजर अपना स्थान बना चुका है। मास्क, सैनिटाइजर अब बजट का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। जिसका अतिरिक्त भार हर परिवार को उठाना पड़ेगा।
कोरोना संक्रमण से बचना है तो स्वच्छता का ख्याल रखना होगा। हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या सैनिटाइज करें। बाहर से आएं तो हाथ धोएं। लोगों से दूर से बात करने के साथ ही मास्क का प्रयोग करें। वैश्विक महामारी कोरोना से बचने के लिए सैनिटाइजर इन दिनों हर घर में सबसे जरूरी और अनिवार्य सामान में शामिल हो गया है। आम दिनों में साबुन का प्रयोग करने वाले परिवारों में भी इन दिनों सैनिटाइजर की बोतल की मांग है। बच्चों को स्कूल, कोचिंग भेजना है तो बस्ते में सैनिटाइजर रखो। स्वयं भी दफ्तर, बाजार, दुकान जाते वक्त सैनिटाइजर रखें। घर में कोई आए तो पहले हाथ सैनिटाइज करें। दफ्तरों, कारखानों, दुकानों, होटलों, बाजारों, शोरूम हर जगह सैनिटाइजर रखा जाए ताकि ग्राहक आकर पहले हाथ सैनिटाइज करें।
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संक्रमण से बचाव की प्रक्रिया में लोगों का साबुन, सैनिटाइजर का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है। अब मासिक खर्चों में फिनायल, सर्फ, साबुन व राशन के साथ सैनिटाइजर भी शामिल हो चुका है। हर महीने आमदनी से बच्चों की फीस, कोचिंग फीस, राशन, बिजली बिल, पानी बिल, घर का किराया, दूध व अखबार का बिल देने में बचत कैसे करें, इस समस्या से परेशान महिलाओं को बजट में नया खर्च सैनिटाइजर भी एडजस्ट करना है। बाजार में 50 रुपये से सैनिटाइजर की बोतल शुरू है जो अधिकतम 500 रुपये तक की आती है। सैनिटाइजर के स्थान पर साबुन का प्रयोग हो सकता है। मास्क के स्थान पर गमछा, दुपट्टा या घरेलू मास्क भी प्रयोग कर सकते हैं।
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