उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कोरोना महामारी से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में ब्लैक फंगस से चार और कोरोना से दस लोगों की मौत हो गई। कोरोना से तीन मौत मेडिकल कॉलेज और सात निजी अस्पतालों में हुईं। साथ ही गुरुवार को कोरोना के 132 और ब्लैक फंगस के 16 नए मरीज मिले हैं। वहीं दवाइयां न मिलने के कारण तीमारदार परेशान हैं।
जिले में अब तक ब्लैक फंगस के 166 मरीज मिल चुके हैं। गुरुवार को छह मरीजों की छुट्टी हुई है। इस तरह कुल 52 मरीजों की छुट्टी हो चुकी है। अब 100 सक्रिय मामले हैं। 76 मरीजों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। आनंद अस्पताल में सात, न्यूटिमा में तीन, मेरठ किडनी अस्पताल में दो और लोकप्रिय में दो मरीज भर्ती हैं। पांच जेपी हेल्थकेयर, एक मेडिविन और चार जसवंत राय अस्पताल में भर्ती हैं। आनंद अस्पताल में दो ऑपरेशन हुए, दोनों आंखों की रोशनी बचा ली गई। कोरोना के मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
तीन माह की बच्ची भी मिली संक्रमित
गुरुवार को मेरठ के बहलोलपुर की तीन माह की बच्ची भी संक्रमित मिली है। बच्ची को मेडिकल कॉलेज के 10 बेड के तैयार किए गए पीआईसीयू में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बुलंदशहर निवासी छह माह की एक और बच्ची भी कोरोना संक्रमित हुई थी, हालांकि बाद में उसकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। मेडिकल के कोविड ब्लाक प्रभारी डॉ. धीरज राज ने बताया कि कोरोना को हराने के बावजूद बच्ची की मौत हो गई।
मेरठ में गुरुवार को 9244 सैंपलों की जांच हुई। अब जिले में 3897 सक्रिय मामले हैं। अब तक 62033 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 710 लोगों की मौत दिखा रहा है। गुरुवार को 417 मरीजों की छुट्टी हुई है। अब तक 51697 मरीजों की छुट्टी हो चुकी हैं।
मेडिकल में तैयार किया 10 बेड का पीआईसीयू
मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का पीआईसीयू तैयार किया गया है। इसमें तीन माह के बच्चे को भर्ती किया गया है। प्राचार्य ने बताया कि इसे 15 बेड का किया जाएगा, उम्मीद है जल्द ही 100 वाला पीआईसीयू भी शुरू किया जाएगा। जब तक यह शुरू नहीं होता तब तक यह व्यवस्था की गई है।