उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों की तरह यहां भी बाजार खुलवाने और कारोबार शुरू कराने के लिए व्यापारी लामबंद हो रहे हैं। व्यापारिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन में बाजार खोलने के पक्ष के में निर्णय नहीं लिया तो वे आंदोलन को विवश होंगे। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि कोरोना संक्रमण की सही रिपोर्ट शासन को नहीं भेजी जा रही है। संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने जिला प्रशासन से सक्रिय मामलों की सही जांच करने और संपूर्ण बाजार खोलने की मांग की है। इस बारे में संयुक्त व्यापार समिति, संयुक्त व्यापार संगठन और पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल ने कमिश्नर और जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिए हैं।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि स्थानीय अफसरों को ही कोरोना के सक्रिय मामलों की सही स्थिति का पता नहीं है। इसके चलते न तो सही रिपोर्ट शासन तक पहुंच रही है और न ही जिले में अनलॉक हो पा रहा है। शहर के संपूर्ण बाजार बंद हैं। उद्योग के साथ व्यापार प्रभावित है। सदर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील दुआ और महामंत्री अमित बंसल ने कहा कि महामारी में बंदी के चलते कारोबारियों की आर्थिक हालत चिंताजनक हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा आंकड़ों में खेल
स्वास्थ्य विभाग आंकड़ों में खेल कर बाजार खुलने का मार्ग साफ नहीं होने दे रहा है। शासन को गलत रिपोर्ट भेजी जा रही है।
- बाल किशन राय, अध्यक्ष, सुभाष बाजार एसोसिएशन।
अन्य जिलों में राहत तो यहां क्यों नहीं
प्रदेश के ज्यादातर जिले पाबंदी के साथ खुल गए हैं तो यहीं पर पाबंदी क्यों लगाई गई है। ऐसे में शहर का बाजार सीधा प्रभावित हो रहा है।
- सुधीर कंसल, महामंत्री, सुभाष बाजार एसोसिएशन।
ऑनलाइन कारोबार से बाजार प्रभावित
शहर में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों ने रिटेल कारोबार को 50 प्रतिशत तक प्रभावित किया है। ऐसे में बाजार खोलना बहुत जरूरी है।
- अशोक माहेश्वरी, अध्यक्ष बेगमपुल व्यापार संघ।
बच्चों को किताबों की है जरूरत
गर्मी में पंखे खराब हैं तो किसी को कूलर की जरूरत है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके चश्मे टूट गए हैं। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए किताबों की जरूरत हैं।
- नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, आबूलेन व्यापार संघ।