मेरठ। सहकारी बैंक किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। कम से कम और अधिक से अधिक धनराशि का ऋण किसानों को दिया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मोबाइल बैंकिंग के लिए जब से लाइसेंस मिला है, तभी से बैंक ने और प्रगति की है। जिला सहकारी बैंक ने 55.66 करोड़ रुपये का सकल लाभ पाकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
यह बात जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा ने शनिवार को बैंक के सभागार में पत्रकारों से वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि जिला सहकारी बैंक को इसी साल नौ जनवरी को भारतीय रिजर्व बैंक से मोबाइल बैंकिंग के लिए लाइसेंस मिला है। तभी से बैंक ने अपनी टेस्ट ट्रांन्जक्शन पूर्ण कर ली है। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ऐसे लोगों को भी ऋण दे रहा है जो कम धनराशि लेकर अपना छोटा रोजगार करते हैं। उन्हें ऋण की धनराशि किश्तों के रूप में हर रोज भी जमा करने की छूट है।
उन्होंने कहा कि किसानों के अनाज को सुरक्षित रखने के लिए मेरठ में 16, बागपत में नौ यानी दोनों जनपदों में 100 मीट्रिक टन क्षमता के 25 गोदाम बनाए गए हैं। बैंक किसानों को फसली ऋण ही नहीं, बल्कि आवास और कार ऋण भी दिया जा रहा है। किसानों को भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत संपूर्ण ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के घरों में सोलर पैनल लगवाने के लिए एक किलोवाट से 10 किलोवाट तक के सोलर सयंत्र पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी बैंक ऋण फाइल फीस लेते हैं लेकिन सहकारी बैंक किसी भी ग्राहक से प्रोसेसिंग फीस नहीं ले रहा है। यही कारण है कि बैंक से बड़ी संख्या में किसान और अन्य लोग जुड़ रहे हैं। इससे पूर्व हुई बैठक में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीर पाल, महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तौगी, अजीत चौधरी, सुरेन्द्र सिंह, संतरपाल, मंजीत सांगवान, बालेश्वरी, दिनेश सिंह, नवजीत, उदयवीर, ललिता, शशी शर्मा, मदनपाल सिंह, हरवीर सिंह, फिरेराम धनतला सहित अन्य मौजूद रहे।
उत्कृष्ट कार्य के लिए ये हुए सम्मानित
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंक शाखा प्रबंधक सत्यप्रकाश, मुकेश कुमार, अशोक कुमार और तीन अल्पकालीन फसली ऋण वितरण कार्य करने में शाखा प्रबंधक असीम कटियार, इजहार अहमद, रामेश्वर प्रसाद, वीपैक्स सचिव विकास कुमार, देवेंद्र कुमार, धनराज सिंह को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।