फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मार्च के दूसरे सप्ताह में होगा दीक्षांत समारोह

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। चौधरी चरण सिंह कैंपस में इस बार का दीक्षांत समारोह मार्च के द्वितीय सप्ताह में होगा। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण और कई कोर्सों के रिजल्ट में हो रही देरी के कारण यह निर्णय लिया गया है। फिलहाल दीक्षांत समारोह ऑनलाइन आयोजित करने की योजना है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो भौतिक आयोजन भी कराया जा सकता है।
विज्ञापन

दीक्षांत समारोह को लेकर कुलपति प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। कुलपति ने निर्देश दिए कि बीएड, एलएलबी-एलएलएम समेत जो रिजल्ट अभी तक जारी नहीं हुए हैं, उनको जल्द से जल्द घोषित करें ताकि टॉपर्स की सूची बनाई जा सके। शुरुआत में जनवरी महीने में दीक्षांत के आयोजन की चर्चा हुई, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए मार्च के द्वितीय सप्ताह में आयोजन का निर्णय लिया गया।
बता दें कि यूजी-पीजी फाइनल ईयर में इस बार एक लाख 90 हजार छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी कुमार, चीफ प्रॉक्टर वीरपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

बीएड में भी दे सकेंगे डिविजन इंप्रूवमेंट
मंगलवार को कैंपस में हुई परीक्षा सामिति की आपात बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। विवि कैंपस में मंगलवार को परीक्षा समिति की आपात बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया है कि नेट और जेआरएफ की तरह अब बीएड में भी डिविजन इंप्रवूमेंट दिया जा सकेगा। इसके अलावा तीन अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए।
बैठक में चर्चा हुई कि बीएड द्वितीय वर्ष ए-401 पेपर में पुराने कोड के छात्र-छात्राओं को 80 पूर्णांक में अंक दिए जाने थे, जबकि नए कोड वाले छात्रों को 40 अंक में से नंबर मिलने थे। पेपर गलती से बंटने के कारण उसी तरह से मूल्यांकन हुआ। इस पर विवि प्रशासन ने निर्णय लिया कि जिनके 80 पूर्णांक से अंक मिले हैं, उनके अंक आधे हो जाएंगे, जबकि जिनको 40 में से अंक मिले हैं, उनके अंक दोगुने कर दिए जाएंगे।
बैठक में तय हुआ कि अब प्रयोगात्मक परीक्षा में परीक्षकों के नाम कॉलेजों की तरफ से बोर्ड ऑफ स्ट्डीज को भेजे जाएंगे, उसी के बाद नाम फाइनल होंगे। पहले बोर्ड ऑफ स्ट्डीज द्वारा आंतरिक और बाह्य परीक्षक नियुक्त किए जाते थे।
बैक वाले छात्र-छात्राओं को मिल सकते हैं औसत अंक
बैठक में चर्चा हुई कि बहुत से छात्र-छात्राएं बैक होने के कारण अगली कक्षा में प्रोन्नत नहीं हो सके हैं। इन छात्रों की परीक्षाएं अभी हुई नहीं हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं को पिछले सेमेस्टर के अंकों के औसत अंक देकर प्रोन्नत करने पर विचार किया गया। हालांकि चार दिसंबर को भी परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है, इसी बैठक में इस मामले पर निर्णय लिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें